पैसों के विवाद में युवक की हत्या
माहुली जहांगीर में चाकू से कई वार के बाद धामना शेतशिवार ले गया शव

* शव बोरे में भरकर ठिकाने लगाने ऑटो की तलाश निकला आरोपी दबोचा
* शहर पुलिस की अपराध शाखा के हत्थे चढा, वारदात का कुछ ही घंटों में खुलासा
अमरावती /दि.25– पैसों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में एक युवक की चाकू से हमला कर हत्या करने और बाद में शव को बोरे में भरकर ठिकाने लगाने की कोशिश का मामला सामने आया है. नांदगांव पेठ थाना क्षेत्र के माहुली जहांगीर परिसर में हुई इस वारदात की कड़ी अपराध शाखा की यूनिट क्रमांक-1 ने गुप्त सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर जोड़ ली. शव को ठिकाने लगाने के लिए ऑटो की तलाश कर रहे संदिग्ध को पुलिस ने समय रहते हिरासत में ले लिया. उसकी निशानदेही पर धामना शेतशिवार में नाले के पास प्लास्टिक की बोरी में रखा शव बरामद किया गया. मृतक की पहचान मोहम्मद तौफीक मोहम्मद शफीक (27, नालसाबपुरा, अमरावती) के रूप में हुई है. मामले में मोहम्मद राजीक मोहम्मद काफील (21, कच्छी मस्जिद के पास, हबीब नगर, अमरावती) को हिरासत में लिया गया है.
पुलिस के अनुसार, राजीक और तौफीक के बीच पहले से परिचय था. दोनों के बीच पैसों का लेन-देन था और रकम वापस मांगने को लेकर विवाद चल रहा था. घटना वाले दिन भी दोनों के बीच इसी मुद्दे को लेकर विवाद होने की जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि बाद में राजीक ऑटो से नींबू की खेप लेकर मोर्शी रोड की ओर गया था. इसी दौरान उसने तौफीक से संपर्क किया. तौफीक ने बाहर होने की बात कहते हुए लौटने के बाद बातचीत करने की जानकारी दी.
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, बाद में तौफीक राजीक के खेत पर पहुंचा. वहां दोनों के बीच दोबारा विवाद हुआ. उस समय खेत परिसर में कुछ अन्य लोगों के मौजूद होने की बात भी सामने आई है. विवाद बढ़ने के बाद दोनों कुछ दूरी पर गए. आरोप है कि इसी दौरान राजीक ने तौफीक पर चाकू से हमला कर दिया. चाकू के कई वार से तौफीक गंभीर रूप से घायल हो गया. उसके गर्दन और छाती के हिस्से में गंभीर चोटें आने की जानकारी है. अत्यधिक रक्तस्राव के चलते उसकी मौत हो गई. हालांकि, हत्या का पूरा घटनाक्रम, चाकू से कितने वार किए गए और घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था, यह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा.
पुलिस के अनुसार, तौफीक की मौत के बाद शव को प्लास्टिक की बोरी में भरकर धामना शेतशिवार में नाले के पास ले जाकर रख दिया गया. इसके बाद शव को किसी अन्य स्थान पर ले जाकर ठिकाने लगाने के लिए ऑटो की तलाश की जा रही थी. इसी दौरान अपराध शाखा को संदिग्ध की गतिविधियों की जानकारी मिली और पुलिस ने उसे नागपुरी गेट चौक क्षेत्र में ऑटो के बारे में पूछताछ करते हुए तलाश लिया.
पता चला है कि, 24 सितंबर को गणेशोत्सव बंदोबस्त के दौरान अपराध शाखा यूनिट-1 की टीम गश्त पर थी. इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि नागपुरी गेट चौक में एक व्यक्ति ऑटो के बारे में पूछताछ कर रहा है और उसकी गतिविधियां संदिग्ध हैं. सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने संदिग्ध के बारे में जानकारी जुटाई. मुखबिर की सूचना और तकनीकी जानकारी के आधार पर टीम ने नांदगांव पेठ थाना क्षेत्र के माहुली रोड स्थित शेतशिवार से उसे हिरासत में लिया. पूछताछ में आरोपी ने तौफीक के साथ पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद होने और इसी विवाद के बाद उसकी हत्या करने की बात पुलिस को बताई. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने शव धामना शेतशिवार में नाले के पास बोरी में रखे जाने की जानकारी भी दी.
आरोपी की बताई जगह पर पुलिस टीम पहुंची तो प्लास्टिक की बोरी में शव बरामद हुआ. इसके बाद मृतक की पहचान मोहम्मद तौफीक मोहम्मद शफीक के रूप में हुई. मृतक के भाई मोहम्मद तौहीद मोहम्मद शफीक (22) की शिकायत पर नांदगांव पेठ पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 405/2026 दर्ज किया गया है. आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है.
मामले में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या के समय घटनास्थल पर कौन-कौन मौजूद था. तौफीक को खेत पर बुलाने की परिस्थितियां क्या थीं, हत्या में किसी अन्य व्यक्ति ने मदद की थी या नहीं तथा शव को बोरे में भरकर ठिकाने लगाने की कोशिश में कोई और शामिल था या नहीं, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. पैसों का विवाद कितनी रकम को लेकर था और दोनों के बीच पहले से किस प्रकार का आर्थिक व्यवहार था, इसकी जानकारी भी पुलिस जुटा रही है.
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त राकेश ओला, पुलिस उपायुक्त यशवंत सोलंके, पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) प्रांजली सोनवणे, सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) नीलेश ब्राह्मणे तथा सहायक पुलिस आयुक्त (फ्रेजरपुरा) नयन आलूरकर के मार्गदर्शन में की गई. अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक दिनेश दहातोंडे व अतुल वर, सहायक पुलिस निरीक्षक मनीष वाकोडे, दशरथ आडे, सहायक पुलिस उपनिरीक्षक फिरोज खान तथा अन्य पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई में भाग लिया. साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच में सहयोग किया.





