फॉरेस्ट विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से ठगी

फर्जी विज्ञापन और नियुक्ति पत्र दिखाकर वसूले पैसे

* महिला समेत दो के खिलाफ मामला दर्ज
* रैकेट के नेटवर्क की जांच
अमरावती /दि. 25– वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड की नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से पैसे ऐंठने का मामला सामने आया है. फर्जी विज्ञापन और नकली दस्तावेज दिखाकर ठगी करने के आरोप में फ्रेजरपुरा पुलिस ने एक महिला समेत दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित रैकेट का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके जरिए अब तक कितने युवाओं को निशाना बनाया गया है. मामले में आरोपी महिला का नाम भारती है, जबकि दूसरे आरोपी का नाम सतीश बताया गया है.
जानकारी के मुताबिक संजय गांधी नगर निवासी शिकायतकर्ता ओम विलासराव कुरमास्तकर (22) की पहचान भारती से एक दोस्त के माध्यम से हुई थी. भारती ने शिकायतकर्ता को वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड पद पर सीधे नौकरी दिलाने का दावा किया. इसके लिए उसने कथित तौर पर वन विभाग का फर्जी नौकरी विज्ञापन और कुछ नकली दस्तावेज दिखाए. नौकरी मिलने के भरोसे में आकर शिकायतकर्ता और उसके दोस्त से 5-5 हजार रुपये लिए गए. इस तरह कुल 10 हजार रुपये की रकम वसूली गई. कुछ दिन बीत जाने के बाद भी जब नौकरी को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं मिली तो शिकायतकर्ता ने आरोपी से नियुक्ति पत्र के बारे में पूछा. इसके बाद आरोपी ने उसे वॉट्सएप के जरिए एक कथित ऑफर लेटर भेजा. दस्तावेजों की जांच कराने पर उनके फर्जी होने की जानकारी सामने आई.
* मंत्रालय में संपर्क होने का भी दावा
जानकारी के मुताबिक आरोपी बेरोजगार युवाओं को यह भरोसा दिलाते थे कि उनके मंत्रालय स्तर तक संपर्क हैं और सरकारी नौकरी दिलाने के लिए बड़ी रकम देनी पड़ती है. इसी तरह नौकरी और नियुक्ति आदेश दिलाने का दावा कर युवाओं से पैसे लिए जाने की आशंका पुलिस ने जताई है. फर्जी दस्तावेजों का पता चलने के बाद शिकायतकर्ता ने फ्रेजरपुरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने भारती और सतीश के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
* कितने युवाओं से ठगी, इसकी जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि, आरोपियों ने वन विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर अन्य बेरोजगार युवाओं से भी पैसे लिए हैं या नहीं. मामले की आगे की जांच पुलिस निरीक्षक समाधान वाथोरे कर रहे हैं. फ्रेजरपुरा थानेदार रवींद्र राजुलवार ने नागरिकों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने का दावा कर पैसे मांगने वाले किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं. नौकरी से संबंधित विज्ञापन और नियुक्ति पत्र की अधिकृत माध्यम से जांच करने के बाद ही कोई कदम उठाएं. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी विभागों के नाम पर सोशल मीडिया या वॉट्सएप के माध्यम से भेजे गए संदिग्ध ऑफर लेटर की बिना सत्यापन के भरोसा न करें.
* नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी
अमरावती और वर्धा जिलों में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं. इस वर्ष दर्ज मामलों में ठगी की रकम करोड़ों रुपये तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है. इनमें स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर सबसे अधिक रकम की ठगी के मामले बताए जा रहे हैं. जिला परिषद के नाम पर भी नौकरी के झांसे में युवाओं को ठगने के मामले सामने आए हैं.

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