राजापेठ उडानपुल हादसे पर वाईएसपी आक्रामक
बिना नंबर प्लेट वाले ट्रक पर हत्या का मामला दर्ज करें

* जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और मृतकों के परिजनों पर 25-25 लाख मुआवजा दें
* सीपी, जिलाधिकारी को सुनील राणा व उपमहापौर सचिव भेंडे के नेतृृत्व में सौंपा ज्ञापन
अमरावती/दि.29 – राजापेठ फ्लाईओवर पर हुए भीषण सड़क हादसे में हर्षा गावंडे और गौरी धर्माले की मौत के बाद युवा स्वाभिमान पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने सुनील राणा व उपमहापौर सचिन भेंडे के नेतृत्व में पुलिस आयुक्त राकेश ओला और जिलाधिकारी आशीष येरेकर को ज्ञापन सौंपकर हादसे की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. पार्टी ने आरोप लगाया कि बिना नंबर प्लेट वाले ट्रक का शहर में प्रवेश और संचालन संबंधित विभागों की गंभीर लापरवाही का परिणाम है.
ज्ञापन में कहा गया है कि अमरावती शहर में बढ़ते सड़क हादसों, अव्यवस्थित यातायात, फ्लाईओवर पर सुरक्षा व्यवस्था और भारी वाहनों की अनियमित आवाजाही को लेकर पहले भी प्रशासन को लिखित रूप से अवगत कराया गया था, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. इसी लापरवाही के कारण यह दुखद हादसा हुआ. युवा स्वाभिमान पार्टी ने मांग की है कि हादसे में शामिल ट्रक के मालिक और चालक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए. साथ ही वाहन के रजिस्ट्रेशन, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, परमिट, टैक्स भुगतान तथा अन्य कानूनी दस्तावेजों की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए.
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि यदि बिना नंबर प्लेट वाला वाहन ‘नो एंट्री’ क्षेत्र में पहुंचा, तो इसके लिए जिम्मेदार क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) और यातायात पुलिस के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाए. पार्टी ने हादसे में जान गंवाने वाली हर्षा गावंडे और गौरी धर्माले के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 25-25 लाख की आर्थिक सहायता देने की भी मांग की है. युवा स्वाभिमान पार्टी ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित विभागों के समन्वय से तत्काल आवश्यक प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.
इसके अलावा ज्ञापन में राजापेठ फ्लाईओवर हादसे की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, बिना नंबर प्लेट, फर्जी या अधूरे दस्तावेजों वाले भारी वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए, शहर के दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का सर्वे कर सीसीटीवी, चेतावनी संकेत, स्पीड कंट्रोल उपाय और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं तत्काल विकसित की जाएं, यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रभावी योजना, नियमित निगरानी और कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, पहले सौंपे गए ज्ञापनों पर प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जाए आदि प्रमुख मांगें की गई हैं.
ज्ञापन सौंपने वालों में वाईएसपी के मार्गदर्शक सुनील राणा, जिलाध्यक्ष प्रकाश साबले, महिला जिलाध्यक्ष सोनाली नवले, उपमहापौर सचिन भेंडे, मनपा गुट नेता नाना आमले, पार्षद एड. प्रीति रेवणे, प्रशांत वानखडे, सुमति ढोके, अजय जयस्वाल, किशोर जाधव, रजनी डोंगरे, गौरी मेघवानी, प्रियंका पाटणे, अर्चना पांडे, योगेश विजयकर, नंदा सावदे, नितिन बोरेकर, विनोद जायलवाल, ज्योति सैरिसे, विनोद गुहे, राजा बांगडे, आशिष गावंडे, मिलिंद कहाले, अनूप अग्रवाल, तुषार दुधे, पराग चिमोटे, बालू इंगोले, महेश किल्लेकर, भूषण पाटणे, अमोल इंगले, सूरज मिश्रा, चंदू जावरे, उदय पर्वतकर, अविनाश काले, पंकज सुरडकर, अश्विन उके, चंदा लांडे, अर्चना तालन, वंदना जामनेकर, लता अंबुलकर, सुनिता राउत, नीता खडसे, साक्षी उमक, शोभा किटके, कीर्ती लोरे समेत अनेक लोगों का समावेश था.





