महाराष्ट्र धर्मस्वातंत्र्य अधिनियम 28 अगस्त से लागू

महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम

मुंबई/दि.18 – महाराष्ट्र में धर्मांतरण को लेकर पारित महाराष्ट्र धर्मस्वातंत्र्य अधिनियम-2026 अब 28 अगस्त 2026 से पूरे राज्य में लागू होगा. राज्य के गृह विभाग ने 17 अगस्त को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है. रक्षाबंधन के दिन से कानून लागू होने के कारण इसे सरकार की ओर से महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है. राज्यपाल के आदेशानुसार और उनके नाम से गृह विभाग के उपसचिव प्रितमकुमार जावले ने अधिसूचना जारी की है. इससे कानून के प्रभावी क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया है.
* मार्च में विधानसभा से हुआ था पारित
महाराष्ट्र विधानमंडल के मार्च 2026 में हुए बजट सत्र के दौरान यह विधेयक विधानसभा में पारित हुआ था. इसके बाद विधान परिषद ने भी इसे मंजूरी दी. विधेयक को राज्यपाल और फिर राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा गया था. अगस्त की शुरुआत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विधेयक को मंजूरी दी, जिसके बाद यह कानून बन गया. अब राज्य सरकार ने इसकी प्रभावी तिथि 28 अगस्त निर्धारित कर दी है.
* क्या है कानून का उद्देश्य?
महाराष्ट्र धर्मस्वातंत्र्य अधिनियम-2026 का मुख्य उद्देश्य बलपूर्वक, धोखाधड़ी, गलत जानकारी, प्रलोभन या शादी का झांसा देकर कराए जाने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाना है. कानून में ऐसे मामलों की शिकायत, जांच और कार्रवाई के लिए विभिन्न प्रावधान किए गए हैं. सरकार का कहना है कि कानून का उद्देश्य धर्म की स्वतंत्रता को बनाए रखते हुए जबरन या धोखाधड़ी से होने वाले धर्मांतरण पर नियंत्रण करना है.

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