9.65 लाख ‘जन’ खातों में 437 करोड रुपयों का ‘धन’
पीएम जन-धन योजना को जिले में मिली बडी सफलता

* खाताधारकों को मिला सुरक्षा का कवच
* 70 हजार खातों में ‘झीरो बैलेंस’
अमरावती/दि.2– प्रत्येक नागरिक को बैंकिंग के प्रवाह में लाकर आर्थिक व्यवहार को पारदर्शक करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा शुरु की गई प्रधानमंत्री जन-धन योजना को अमरावती जिले में काफी बडी सफलता मिली है. इस योजना के तहत जिले में 9.65 लाख नागरिकों ने अपनी बैंक अकाउंट खोले है, जिनके खातों में करी 437.51 करोड रुपयों की रकम जमा है. हालांकि 70 हजार जन-धन खातों में झीरो बैलेंस रहने की भी जानकारी है.
बता दें कि, जन-धन योजना ने प्रत्येक व्यक्ति को आर्थिक व्यवस्था के साथ जोडने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. प्रधानमंत्री जन-धन योजना के अंतर्गत देश में 55 करोड से अधिक बैंक अकाउंट खोले गए है. जिनमें करोडों रुपयों की रकम जमा हुई है. साथ ही साथ अमरावती जिले में भी इस योजना को काफी बेहतरीन प्रतिसाद मिला है. इसके अलावा ग्रामीण एवं आर्थिक रुप से दुर्बल घटकों तक बैंकिंग सेवा को पहुंचाने में इस योजना ने काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
विशेष उल्लेखनीय है कि, कई खाताधारकों के खातों में अब तक एक रुपए की भी रकम जमा नहीं है. परंतु झीरो बैलेंस की सुविधा रहने के चलते संबंधित खाताधारकों पर कोई भी दंड नहीं लगाया जाता. बल्कि उन्हें रुपे कार्ड, सीधे लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) व बीमा संरक्षण के चलते यह योजना सर्वसामान्यों के लिए काफी अधिक उपयुक्त साबित हुई है. यही वजह रही कि, अमरावती जिले में जन-धन योजना का विस्तार काफी तेज गति से हुआ और अब तक जिले की अलग-अलग बैंकों में इस योजना के तहत 9 लाख 65 हजार 378 जन-धन खाते खोले गए. इन बैंक खातों में सर्वसामान्यों द्वारा अपनी बचत के 437 करोड 51 लाख रुपए जमा कराए गए है.
* 6.86 लाख खाताधारकों के पास रुपे कार्ड
डिजिटल व्यवहारों को गतिमान करने हेतु जन-धन खाताधारकों को रुपे डेबीट कार्ड दिया जाता है. जिले में अब तक 6 लाख 86 हजार 274 खाताधारकों को यह कार्ड वितरित किया गया है. इस कार्ड का प्रयोग कर खाताधारक एटीएम के जरिए पैसे निकाल सकते है अथवा दुकानों में कार्ड स्वाईप कर खरीदी कर सकते है.
* झीरो बैलेंस के बावजूद कोई दंड नहीं
जन-धन खातों की सबसे बडी विशेषत: झीरो बैलेंस की सुविधा है. जहां एक और सामान्य बचत खातों में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर बैंकों द्वारा दंड लगाया जाता है, वहीं जन-धन खातों में शून्य रकम रहने के बावजूद खाताधारक पर एक रुपए का भी दंड नहीं लगाया जाता. उल्लेखनीय है कि, अमरावती जिले में जन-धन योजना के तहत खोले गए 9.65 लाख खातों में से करीब 70,257 खातों में झीरो बैलेंस है. मेहनत-मजदूरी करनेवाले अथवा अत्यल्प उत्पन्न रहनेवाले नागरिकों द्वारा ये खाते खोले गए. जिन्हें भविष्य के आर्थिक लाभ हेतु सक्रिय रखने का काम संबंधित बैंकों द्वारा किया जा रहा है.
* 2 लाख रुपयों का जीवन बीमा व 2 लाख रुपयों का दुर्घटना बीमा
जन-धन योजना अंतर्गत बैंक अकाउंट खोलनेवाले खाताधारक को बीमा का भी काफी बडा संरक्षण मिलता है. 28 अगस्त 2018 के बाद खोले गए खातों के रुपे कार्ड पर 2 लाख रुपयों का दुर्घटना बीमा मिलता है. साथ ही पात्र खाताधारक को कुछ तय नियमों व शर्तों के तहत नैसर्गिक मृत्यु होने पर जीवन बीमा संरक्षण देने का भी प्रावधान है. जिसके चलते उनके परिवारों को आर्थिक आधार मिलता है.
* डीबीटी के चलते योजनाओं का पैसा सीधे बैंक खाते में
सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में इससे पहले होनेवाली लेटलतिफी अब पूरी तरह से रुक गई है. क्योंकि ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ के चलते गैस सबसीडी, पेंशन, किसान सम्मान निधि व अन्य योजनाओं की रकम अब किसी की भी मध्यस्थता के बिना सीधे संबंधित लाभार्थी के जन-धन खाते में जमा होती है.
* क्या है पीएम जन-धन योजना?
देश के प्रत्येक नागरिक को बैंकिंग सेवा के दायरे में लाने का उद्देश्य तय करते हुए प्रधानमंत्री जन-धन योजना को शुरु किया गया है. जिसके तहत झीरो बैलेंस अकाउंट की सुविधा देने के साथ ही रुपे डेबीट कार्ड, बीमा संरक्षण व सीधे लाभ हस्तांतरण आदि लाभ दिए जाते है.
* जन-धन योजना की वजह से ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्र के नागरिक बैंकिंग के मुख्य प्रवाह से जुडे है. इस योजना के तहत झीरो बैलेंस रहनेवाले खातों पर कोई दंड नहीं लगाया जाता, बल्कि जन-धन खाताधारकों को कई सुविधाओं का लाभ मिलता है.
– नरेश हेडाऊ
व्यवस्थाक, जिला अग्रणी बैंक.