फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर 15 लाख की ठगी
सेबी की फर्जी रसीद से खुला घोटाला

कुछ ही दिनों में रकम दोगुनी-तिगुनी करने का दिया था लालच
50 लाख का चेक भी हुआ अनादरित, आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज
आर्वी /दि.14- फॉरेक्स ट्रेडिंग और ऑनलाइन क्लास के माध्यम से कुछ ही दिनों में निवेश की रकम दोगुनी-तिगुनी करने का लालच देकर वर्धा जिले के एक ठेकेदार से 15 लाख रुपये की ठगी किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आर्वी तहसील के नांदपुर में हुई इस घटना में आरोपी ने निवेशक को भरोसे में लेने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के नाम से फर्जी चालान और नोटिस भी भेजे. हालांकि, मुंबई स्थित सेबी के कार्यालय में दस्तावेजों की जांच कराने पर उनकी असलियत सामने आ गई. इस मामले में आर्वी पुलिस ने काशीमीरा निवासी हर्षल गोपीचंद निखालजे के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
जानकारी के मुताबिक नांदपुर निवासी ठेकेदार अभिषेक राजेंद्र वानखडे की वर्ष 2021 में हर्षल निखालजे से पहचान हुई थी. आरोपी ने उन्हें फॉरेक्स ट्रेडिंग और ऑनलाइन क्लास के जरिए अलग-अलग योजनाओं में निवेश करने का सुझाव दिया. साथ ही, कम समय में रकम दो से तीन गुना करने का लालच भी दिया. आरोपी के झांसे में आकर अभिषेक वानखडे ने फोन-पे और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से कुल 15 लाख रुपये आरोपी के व्यक्तिगत तथा कंपनी के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए. कुछ समय बाद जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की, तो आरोपी टालमटोल करने लगा. इससे उन्हें निवेश के नाम पर धोखाधड़ी किए जाने का संदेह हुआ.
* सेबी के मुंबई कार्यालय में जांच कराने पर फर्जी निकले दस्तावेज
रकम वापस मांगने पर आरोपी हर्षल ने अभिषेक वानखडे के वॉट्सऐप पर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के नाम से एक चालान और नोटिस भेजा. इन दस्तावेजों के जरिए उसने निवेश से संबंधित प्रक्रिया का भरोसा दिलाने की कोशिश की. हालांकि, दस्तावेजों की सत्यता को लेकर संदेह होने पर अभिषेक वानखडे सीधे मुंबई स्थित सेबी के मुख्य कार्यालय पहुंचे. वहां अधिकारियों से चालान और नोटिस की जांच कराई गई. जांच के दौरान दोनों दस्तावेज फर्जी होने की बात सामने आई. इसके बाद निवेश के नाम पर ठगी किए जाने का मामला उजागर हुआ और अभिषेक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
* आरोपी की मां ने दी धमकी देने का आरोप
शिकायत के मुताबिक ठगी का पता चलने के बाद अभिषेक वानखडे ने आरोपी से अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन वह लगातार टालमटोल करता रहा. इसके बाद अभिषेक उससे मिलने मुंबई स्थित उसके घर पहुंचे. उस समय हर्षल घर पर मौजूद नहीं था. आरोप है कि इस दौरान हर्षल की मां ने पैसे लौटाने की बात कहते हुए अभिषेक को दोबारा परेशान करने पर एट्रोसिटी और छेड़छाड़ का झूठा मामला दर्ज कराकर उनका जीवन बर्बाद करने की धमकी दी.
* 50 लाख रुपये का चेक दिया, बैंक ने भुगतान रोका
रकम लौटाने के लिए आरोपी हर्षल ने अभिषेक वानखडे को एचडीएफसी बैंक का 50 लाख रुपये का चेक दिया. अभिषेक ने यह चेक अमरावती स्थित एसबीआई की शाखा में जमा किया. हालांकि, बैंक ने चेक पर ‘स्टॉप पेमेंट’ का उल्लेख करते हुए भुगतान करने से इनकार कर दिया और चेक अनादरित होने का मेमो जारी किया. इस प्रकार 15 लाख रुपये की निवेश राशि वापस मिलने के बजाय अभिषेक को फर्जी दस्तावेजों और अनादरित चेक का सामना करना पड़ा. मामले की शिकायत के आधार पर आर्वी पुलिस ने हर्षल गोपीचंद निखालजे के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.





