15.45 लाख पेड़ों की गणना पर 3 करोड़ रुपये का ठेका

अमरावती मनपा में भ्रष्टाचार के आरोप

अमरावती/दि.30– अमरावती मनपा में प्रशासक शासन के दौरान एक और कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है. आरोप है कि शहर में 15 लाख 45 हजार पेड़ों की गणना के लिए करीब 3 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया, जिससे एक पेड़ की गणना की लागत लगभग 19 रुपये बैठती है. इस मामले को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगने शुरू हो गए हैं.
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2007 में मनपा ने जीओ-टैगिंग के जरिए शहर में करीब 5 लाख 45 हजार पेड़ों की गणना कराई थी. लंबे अंतराल के बाद दोबारा सर्वेक्षण कराया गया, लेकिन इस बार जीपीएस मैपिंग के बजाय जीआईएस मैपिंग को अपनाया गया. आरोप है कि जीआईएस सर्वेक्षण में शहर में पेड़ों की संख्या बढ़कर 15 लाख 45 हजार दिखाई गई, जबकि पिछले 20 वर्षों में शहर का तेजी से शहरीकरण और रिहायशी विस्तार हुआ है. ऐसे में पेड़ों की संख्या में लगभग तीन गुना वृद्धि पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
सूत्रों के अनुसार, इस कार्य का ठेका एक निजी कंपनी को दिया गया था. अब तक 7 लाख पेड़ों की गणना के आधार पर करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है. शेष 1 करोड़ 60 लाख रुपये का बिल मनपा आयुक्त के पास पहुंचने पर उन्होंने भुगतान रोकते हुए मामला वृक्ष प्राधिकरण के समक्ष विचारार्थ भेज दिया है. विवाद का मुख्य मुद्दा यह भी है कि पहले जीपीएस आधारित सटीक जियो-टैगिंग की जाती थी, जिसमें प्रत्येक पेड़ का फोटो और लोकेशन दर्ज होती थी. इसके बावजूद इस बार केवल जीआईएस आधारित गणना क्यों कराई गई, इसका स्पष्ट जवाब अभी तक नहीं मिला है. इस मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों ने भी सवाल उठाए हैं और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि मनपा आयुक्त इस विवादित भुगतान और कथित अनियमितताओं पर क्या फैसला लेती हैं.

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