2 हजार गणेश भक्तों को मिलेगी विसर्जन के बाद की पवित्र मिट्टी

मनपा की ‘माझी वसुंधरा’ पहल, मिट्टी के साथ पौधा और गमला देने की तैयारी

अमरावती/दि.30 – पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी के गणेश की स्थापना को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से अमरावती महानगरपालिका ने एक अनूठी पहल शुरू करने का निर्णय लिया है. मिट्टी के गणेश विसर्जन के बाद बचने वाली पवित्र मिट्टी को गमलों में भरकर करीब 2 हजार गणेश भक्तों को पौधे के साथ वितरित किया जाएगा. इस मिट्टी में पौधे लगाकर नागरिक उनकी देखभाल कर सकेंगे.
इस वर्ष शहर में बड़ी संख्या में भक्तों ने शाडू मिट्टी से बने श्री गणेश की स्थापना की थी. अनंत चतुर्दशी के अवसर पर इन मूर्तियों का छत्री तालाब, प्रथमेश तालाब तथा मनपा द्वारा तैयार किए गए कृत्रिम विसर्जन टैंकों में विधि-विधान से विसर्जन किया गया. विसर्जन के बाद पानी सूखने पर बची मिट्टी को एकत्र किया जाएगा. मनपा ने मिट्टी के गणेश की स्थापना करने वाले भक्तों के नाम, पते और मोबाइल नंबर दर्ज किए हैं. इसी सूची के आधार पर करीब 2 हजार भक्तों को इस पर्यावरणपूरक उपक्रम में शामिल किया जा सकेगा. मनपा की योजना है कि इन भक्तों को गमला, विसर्जन के बाद बची पवित्र मिट्टी और एक पौधा दिया जाए.
* आचार संहिता खत्म होने के बाद होगा वितरण
फिलहाल आचार संहिता लागू होने के कारण इस उपक्रम को तत्काल शुरू करना संभव नहीं है. आचार संहिता समाप्त होने के बाद मनपा गमले खरीदकर इस योजना को अमल में लाएगी. छत्री तालाब और वडाली स्थित प्रथमेश तालाब सहित तीन कृत्रिम जलाशयों से मिट्टी एकत्र की जा सकती है. इसके अलावा आवश्यक पौधे मनपा के उद्यान विभाग से उपलब्ध कराने की तैयारी है.
* मिट्टी के गणेश को मिलेगा प्रोत्साहन
स्थायी समिति के सभापति अविनाश मार्डीकर ने कहा कि शाडू मिट्टी के गणेश की स्थापना करने वाले भक्तों को विसर्जन के बाद बची मिट्टी के साथ पौधा और गमला देने की पहल की जा रही है. इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ शहर में मिट्टी के गणेश की स्थापना को भी प्रोत्साहन मिलेगा. अतिरिक्त आयुक्त महेश देशमुख ने बताया कि ‘माझी वसुंधरा’ अभियान के तहत पौधारोपण को प्राथमिकता दी जा रही है. गमले, मिट्टी और पौधों के वितरण के माध्यम से नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा. नागरिकों के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मनपा लगातार विभिन्न गतिविधियां चला रही है.
* संस्था ने पहले से शुरू की पहल
पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने वाली संस्था ‘श्री ऑफ क्ले’ की ओर से भी मिट्टी के गणेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है. संस्था के नीलेश कंचनपुरे ने कहा कि उनकी संस्था पहले भी मिट्टी के गणेश खरीदने वाले कुछ भक्तों को गमले और पौधे उपहार में दे चुकी है. उन्होंने सुझाव दिया कि मनपा को विसर्जन के बाद बचने वाली मिट्टी व्यवस्थित रूप से एकत्र कर उसे गमलों में भरकर पौधों के साथ भक्तों को देना चाहिए. पर्यावरणपूरक गणेशोत्सव की दिशा में यह पहल विसर्जन के बाद बचने वाली मिट्टी के पुन: उपयोग के साथ पौधारोपण को जोड़ने का प्रयास है.

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