बाघ के डर से पिता-पुत्र ने बांध में लगाई छलांग, पानी में डूबकर मौत

नागपुर/दि.13- नागपुर जिले के रामटेक तहसील अंतर्गत देवलापार वन परिक्षेत्र में बाघ के आतंक के बीच एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है. बाघ को अपनी ओर दौड़ते देख एक पिता ने सात वर्षीय बेटे को बचाने के लिए उसे सीने से लगाकर बांध में छलांग लगा दी, लेकिन गहरे कीचड़ में पैर धंस जाने से दोनों की डूबकर मौत हो गई. इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है.
जानकारी के अनुसार, दुलारा निवासी जीवन धर्मराज कोकोड़े (35) रविवार सुबह अपने सात वर्षीय पुत्र जतिन कोकोड़े और रिश्तेदार के साथ छवारी गांव के समीप स्थित लखन बांध पर मछली पकड़ने गए थे. इसी दौरान उनके साथ मौजूद रिश्तेदार ने कुछ दूरी पर एक बाघ को जीवन कोकोड़े की दिशा में तेजी से आते देखा. उसने जोर-जोर से आवाज लगाकर उन्हें सतर्क करने का प्रयास किया. अचानक सामने बाघ को देखकर घबराए जीवन कोकोड़े ने अपने बेटे जतिन को गोद में उठाया और जान बचाने के लिए पास के बांध में छलांग लगा दी. प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, बांध में जमा गहरे कीचड़ में उनके पैर फंस गए, जिससे वे बाहर नहीं निकल सके और देखते ही देखते पिता-पुत्र दोनों पानी में डूब गए.
घटना के बाद रिश्तेदार ने बाघ के हमले की आशंका से मौके पर जाने का साहस नहीं किया और तत्काल गांव पहुंचकर ग्रामीणों को जानकारी दी. सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे. वहां सात वर्षीय जतिन का शव पानी की सतह पर दिखाई दिया, जबकि जीवन कोकोड़े का कोई पता नहीं चल सका. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. जलतरण दल की सहायता से खोज अभियान चलाया गया. कई घंटों की मशक्कत के बाद जीवन कोकोड़े का शव भी बांध से बाहर निकाला गया. दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए देवलापार ग्रामीण अस्पताल भेजा गया.
इस घटना से दुलारा गांव में शोक की लहर फैल गई है. अपने बेटे की जान बचाने के लिए अंतिम क्षण तक संघर्ष करने वाले पिता और पिता की गोद में ही दम तोड़ देने वाले मासूम बच्चे की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीणों में भी गहरा दुख और आक्रोश देखा जा रहा है. घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी. अधिकारियों ने शासन के नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा मृतक जीवन कोकोड़े की पत्नी को शासकीय सेवा में समायोजित करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया है.





