जज बनकर ऐंठे 69 लाख

नौकरी लगाने का दिया झांसा

* वडकी थाने में केस दर्ज
वडकी /दि.1– रालेगांव तहसील के आष्टोणा ग्राम पंचायत की तत्कालीन ग्रामसेविका आरती ज्ञानेश्वर वडुले और उनके पति मारूति किसन मुलुक पर बेरोजगार युवकों से नौकरी के नाम पर 69 लाख रूपए ठगने का आरोप है. मुुलुक के स्वयं को संभाजीनगर स्थित उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बताने की बात सामने आई है. इस मामले में वडकी पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पुलिस के अनुसार , रिधोरा निवासी दीपक पंढरीनाथ पवार और वाघोली , तह. हिंगणघाट, जिला वर्धा निवसी सौरभ राजेश भुते इस धोखाधडी के पीडित है. वर्ष 2024 में आरती वडुले आष्टोणा ग्राम पंचायत में ग्रामसेविका के पद पर कार्यरत थी. सरकारी कर्मचारी होने के कारण लोगों का उन पर विश्वास था. आरोप है कि वुडुले ने अपने पति को उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बताते हुए अदालत में लिपिकों के रिक्त पदों पर भरती कराने का प्रलोभन दिया.
पुलिस की शिकायत के अनुसार प्रत्येक उम्मीदवार से 45 लाख रूपए की मांग की गई. गत 17 दिसंबर 2024 को रिधोरा में दोनों उम्मीदवारों ने टोकन राशि के रूप में 20 लाख रूपए दिए. पश्चात नौकरी के लिए दस्तावेज लेने गये तो और पैसों की मांग की गई. पवार ने आरटीजीएस और नकदी 28 लाख रूपए दिए. सौरभ भूते ने आरटीजीएस और नकदी 41 लाख रूपए दिए. दोनों से 69 लाख रूपए की ठगी की गई.
नियुक्ति पत्र न मिलने पर पवार और भूते ने पता लगाया तो खुलासा हुआ कि मारूति मुलुक हाईकोर्ट में जज नहीं है. दोनों शिकायतकर्ताओं ने तब थाने की राह ली.

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