संपत्ति खरीदी बढी, रजिस्ट्रेशन विभाग को 351 करोड रुपए की कमाई
9 माह में 62 हजार दस्त पंजीयन

* व्यवसायीक करार के कारण संख्या में बढोत्तरी
अमरावती/दि.5 – पिछले 9 माह में जिले समेत तहसील के मुख्यालय में शहरी क्षेत्र में मकान, फ्लैट खरीदी का प्रमाण बढा हैं. साथ ही भूमि, खेती आदि चल संपत्ति में भारी मात्रा में खरीदी बिक्री हो रही हैं. शासन को सर्वाधिक राजस्व दिलवानेवाले जिले के मुद्रांक कार्यालय को इस कालावधि में 63 हजार दस्तावेजों के पंजीकरण से 351 करोड रुपए का भारी राजस्व प्राप्त हुआ हैं.
कर्ज लेनदेन और वाणिज्यिक अनुबंधों के कारण पंजीकृत दस्तावेजों में लगातार वृद्धि हो रही है. अमरावती, परतवाड़ा, मोर्शी, वरुड, धामनगांव रेलवे, चांदूर बाजार, दर्यापुर सहित सभी तहसीलो के मुख्यालयों में मकानों और फ्लैटों जैसी आवासीय संपत्तियों की सबसे अधिक खरीद-बिक्री होती है. इसके बाद कृषि भूमि और अन्य भूमि लेनदेन का स्थान आता है. इन लेनदेनों में वृद्धि के कारण इस विभाग का राजस्व भी तेजी से बढ़ रहा है.
वर्तमान में, नागरिक निवेश के लिए ’जमीन और मकान’ को सबसे उपयुक्त विकल्प मान रहे हैं. जमीन की जुमला बिक्री, मकानों की खरीद-बिक्री, कर्ज लेनदेन और व्यावसायिक समझौतों के कारण जिले में जमीन के पंजीकरण में भारी वृद्धि हुई है. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भूखंडों की खरीद-बिक्री में भी जबरदस्त उछाल आया है. बैंकों से आसानी से मिलने वाले कर्ज के कारण गरीबों का मकान खरीदने का सपना पूरा करने की इच्छा बढ़ी है, जिससे सरकार को राजस्व प्राप्त हो रहा है.
* इस लेन-देन से मिला राजस्व
विभाग को सबसे अधिक राजस्व गैर-कृषि भूमि और वाणिज्यिक परिसरों की खरीद-बिक्री सहित खरीद-बिक्री लेनदेन से प्राप्त हुआ है. इसके अलावा, विभाग को बैंक ऋणों के लिए आवश्यक बंधक के पंजीकरण से भी राजस्व प्राप्त हुआ है.
* 43 हजार संपत्ति खरीद और बिक्री लेनदेन
पंजीकृत 1,500 दस्तावेजों में से 43 हजार लेनदेन सीधे संपत्ति की खरीद और बिक्री से संबंधित हैं. इनमें से सबसे अधिक लेनदेन शहरी क्षेत्रों में भूखंडों, तैयार मकानों और कृषि भूमि के लिए हैं.
* 351 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त
विभाग ने अब तक स्टैंप शुल्क और पंजीकरण शुल्क के माध्यम से 351 करोड़ रुपये एकत्र किए हैं. यह राजस्व ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों से प्राप्त हुआ है.
* 475 करोड़ रुपये का लक्ष्य, 74 प्रतिशत कार्य पूरा
सरकार ने वित्तीय वर्ष के लिए 475 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया था. नौ महीनों में इसका 74 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है. शेष चार महीनों में लक्ष्य को पूरा करने के प्रयास जारी हैं.
* ऑनलाइन लेनदेन आसान और पारदर्शी
ऐसी खबरें हैं कि ’ई-रजिस्ट्रेशन’ और ’सरिता’ प्रणालियों की बदौलत नागरिक घर बैठे ही फीस का भुगतान कर रहे हैं.
* मुद्रांक जिलाधिकारी ने दिए निर्देश
इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए, मुद्रांक जिलाधिकारी ने सभी संयुक्त उप रजिस्ट्रारों को निर्देश जारी किए हैं. भूमि और मकान की खरीद-बिक्री पर स्टाम्प शुल्क सबसे अधिक है.
* रियल इस्टेट में निवेश लाभदायक
रियल इस्टेट में निवेश बेहद लाभदायक साबित हो रहा है, इसलिए लेन-देन में वृद्धि हो रही है. उम्मीद है कि जिले को दिया गया लक्ष्य अगले दो महीनों में हासिल कर लिया जाएगा.
– अनिल औतकर, मुद्रांक जिलाधिकारी





