गैस किल्लत की शिकायत अब सीधे वॉटस्एप पर

सिलेंडर की कमी दूर करने के लिए राज्य सरकार का बड़ा फैसला

* मंत्री छगन भुजबल ने की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
* कहा – राज्य में एलपीजी का भरपूर व पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
मुंबई/दि.14 – देश और दुनिया में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच महाराष्ट्र में गैस सिलेंडर की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर राज्य सरकार ने बड़ा बयान दिया है. राज्य के खाद्य एवं नागरी आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने स्पष्ट किया है कि राज्य में घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है और नागरिकों को किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए. उन्होंने बताया कि गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सरकार ने विशेष कदम उठाए हैं और अब गैस आपूर्ति से जुड़ी शिकायतें सीधे व्हॉट्सऐप के माध्यम से दर्ज कराने की सुविधा भी शुरू की जा रही है.
बता दें कि, पिछले कुछ दिनों से पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के कारण भारत में ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी खबरों के बाद कई जगहों पर गैस सिलेंडर की कमी की चर्चा होने लगी थी. इस स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री भुजबल ने कहा कि राज्य में गैस की आपूर्ति सामान्य है और किसी प्रकार का संकट नहीं है. उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि वाली खबरों और अफवाहों से बचें.
सरकार के अनुसार महाराष्ट्र में घरेलू एलपीजी की दैनिक मांग लगभग 9,000 मीट्रिक टन है, जबकि उत्पादन और उपलब्धता बढ़ाकर इसे 11,000 मीट्रिक टन तक पहुंचा दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि मार्च महीने में पिछले छह महीनों की तुलना में अधिक संख्या में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार मौजूद है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं.
* जिला स्तर पर विशेष निगरानी समितियां
गैस और ईंधन की आपूर्ति पर निगरानी रखने के लिए सरकार ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में विशेष समितियां गठित की हैं. इन समितियों का उद्देश्य आपूर्ति व्यवस्था पर नजर रखना और किसी भी समस्या का तुरंत समाधान करना है.
* आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों, स्कूलों, आश्रमशालाओं और अन्य आवश्यक सेवाओं को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी. इसके अलावा तकनीकी समस्याओं या शिकायतों के समाधान के लिए जिला और तालुका स्तर पर नियंत्रण कक्ष तथा व्हॉट्सऐप हेल्पलाइन भी शुरू की जा रही है. सरकार का कहना है कि नागरिकों को गैस और ईंधन की उपलब्धता को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है.

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