आचार संहिता के दौरान बैठक कैसे ?

सांसद बलवंत वानखड़े ने आचारसंहिता उल्लंघन का लगाया आरोप

* किरीट सोमैया व मनपा अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की
अमरावती/दि.12– अमरावती स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्र की विधान परिषद चुनाव प्रक्रिया के दौरान लागू आदर्श आचार संहिता के बीच अमरावती महानगरपालिका में आयोजित एक बैठक को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस सांसद बलवंत वानखड़े ने राज्य चुनाव आयुक्त तथा जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर पूर्व सांसद किरीट सोमैया, मनपा अधिकारियों और पदाधिकारियों के विरुद्ध आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज करने की मांग की है.
सांसद वानखड़े ने अपने पत्र में कहा है कि अमरावती जिले में स्थानीय स्वराज्य संस्था विधान परिषद चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद आदर्श आचार संहिता लागू है और मतदान 18 जून 2026 को प्रस्तावित है. ऐसे समय में 11 जून 2026 को अमरावती महानगरपालिका के सभागृह में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों से जुड़े कथित घोटाले के संदर्भ में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें किरीट सोमैया सहित मनपा के वरिष्ठ अधिकारी और सत्ताधारी पक्ष के पदाधिकारी उपस्थित रहे.
* जन्म प्रमाणपत्र प्रकरण पर बुलाई गई थी बैठक
सांसद बलवंत वानखड़े के अनुसार, किरीट सोमैया ने 8 जून को मनपा आयुक्त को पत्र देकर जन्म प्रमाणपत्रों में कथित अनियमितताओं और सुधार प्रक्रियाओं में हुए घोटाले की शिकायत की थी. इसी संदर्भ में आगे चर्चा के लिए उन्होंने 11 जून को अमरावती आने की जानकारी दी थी. बताया गया है कि बैठक में मनपा आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त, वैद्यकीय अधिकारी, जन्म-मृत्यु पंजीकरण विभाग के अधिकारी, महापौर, उपमहापौर तथा सत्ताधारी पक्ष के कई नगरसेवक मौजूद थे. इस बैठक में जन्म प्रमाणपत्रों से जुड़े मामलों की समीक्षा और चर्चा की गई.
* आचार संहिता के दौरान बैठक पर सवाल
सांसद वानखड़े ने आरोप लगाया है कि चुनाव आचार संहिता लागू रहने के दौरान शासकीय बैठकों, भूमिपूजन कार्यक्रमों तथा सरकारी आयोजनों पर विभिन्न प्रकार की सीमाएं लागू होती हैं. ऐसे में महानगरपालिका के सभागृह में इस प्रकार की बैठक आयोजित करना नियमों के विपरीत है. उन्होंने यह भी प्रश्न उठाया कि किरीट सोमैया वर्तमान में किसी संवैधानिक या शासकीय पद पर नहीं हैं, इसके बावजूद उनके साथ सरकारी अधिकारियों की औपचारिक बैठक आयोजित की गई. वानखड़े का कहना है कि यह चुनाव आचार संहिता की भावना के विरुद्ध है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
* चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग
सांसद बलवंत वानखड़े ने राज्य चुनाव आयुक्त तथा अमरावती के जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजे पत्र में मांग की है कि बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों, पदाधिकारियों और किरीट सोमैया की भूमिका की जांच कर आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया जाए. उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया है.
अब इस मामले में जिला प्रशासन और निर्वाचन विभाग क्या कदम उठाता है, इस पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं.

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