आज खालसा पंथ साजना दिवस बैसाखी
बीबी जयप्रित कौर की रही विशेष उपस्थिति

अमरावती/दि.14- बैसाखी त्यौहार मुख्य रुप से पंजाब और हरियाणा में मनाया जाता है. यह फसल कटाई का प्रमुख त्यौहार है, जो अप्रैल माह में रबी की फसल पकने की खुशी में मनाया जाता है और यह सीख समूदाय के लिए नये साल की शुरुआत होती है. साल 1699 में गुरु गोविंद सिंह द्वारा खालसा पंथ की स्थापना का यह ऐतिहासिक व धार्मिक दिवस है, जिसे भांगडा-गिद्दा और लंगर के साथ मनाया जाता है. इसी खालसा पंथ साजना दिवस बैसाखी के निमित्त आज मंगलवार 14 अप्रैल को गुरुद्वारा गुरुसिंघ सभा में विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है.
स्थानीय राजापेठ स्थित बूटी प्लॉट परिसर में बैसाखी खालसा पंथ साजना दिवस निमित्त विगत दो दिनों से गुरुसिंघ सभा में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. जिसके तहत सोमवार 13 अप्रैल को रात 7.30 बजे से 8.30 बजे तक भाई कृष्णसिंघ (हजुरी जत्था) का कीर्तन दिवस तथा रात 8.30 बजे से 10.30 बजे तक बीबी जसप्रित कौर (पटियाला) का कीर्तन दीवान सजाया गया. इसके उपरान्त सभी ने अरदास कर गुरु के अटूट लंगर का लाभ लिया.
आज मंगलवार 14 अप्रैल को सुबह 8.30 बजे बैसाखी संगरांधं के तहत सुखमणी साहिब का पाठ किया गया. सुबह 9.45 बजे अखंड पाठ साहिब की समाप्ति हुई. स्त्री संगत द्वारा सहज पाठ साहिब की समाप्ति की जाएगी. सुबह 10.30 बजे से 11 बजे तक भाई कृष्णसिंघ (हजुरी जत्था) का कीर्तन दीवान तथा सुबह 11 से 12.45 बजे तक बीबी जसप्रित कौर (पटियाला) का कीर्तन दीवान सजा. अरदास के पश्चात सभी ने गुरु के अटूट लंगर का लाभ लिया.





