एएसआई अब्दुल कलाम हत्याकांड के एक आरोपी को मिली जमानत
फाजील खान साबीर खान को हाईकोर्ट ने दी राहत

* एड. जेमिनी कासट की सफल पैरवी आई काम
अमरावती/दि.25 – वर्ष 2025 में 28 जून को घटित सहायक पुलिस उपनिरीक्षक अब्दुल कलाम अब्दुल कदीर की हत्या के मामले में नामजद व गिरफ्तार रहनेवाले आरोपी क्रमांक 3 फाजील खान साबीर खान को आज बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने बडी राहत देते हुए जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी किया. जिसे जून 2025 से जेल में बंद रहनेवाले फाजील खान साबीर खान के लिए बडी राहत माना जा रहा है. इस मामले में फाजील खान की ओर से वरिष्ठ विधिज्ञ एड. जेमिनी कासट द्वारा सफल युक्तिवाद किया गया.
जानकारी के मुताबिक अमरावती शहर पुलिस आयुक्तालय के वलगांव पुलिस थाने में कार्यरत रहनेवाले सहायक उपनिरीक्षक अब्दुल कलाम अब्दुल कदीर (55, जाकीर कॉलोनी) की 28 जून 2025 की शाम नवसारी परिसर में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए हमलावरों ने कार से एएसआई अब्दुल कलाम की बाइक को टक्कर मारी और धारदार हथियारों से उन पर वार किए थे. इस प्राणघातक हमले में एएसआई अब्दुल कलाम बुरी तरह से घायल हुए थे, जिन्हें इलाज के लिए जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां पर एएसआई कलाम की मौत हो गई थी. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जियानोद्दीन एहसानोद्दीन (अराफात कॉलोनी), आवेज खान (दर्यापुर) तथा फाजील खान साबीर खान (ख्वाजा नगर, अमरावती) को नामजद करते हुए गिरफ्तार किया था. जिनके खिलाफ एएसआई सलाम के भतीजे सोहेल परवेज अब्दुल जमील ने पुलिस को जानकारी देते हुए बताया था कि, वह अपने दोस्त सिद्धीक कुरैशी के साथ 28 जून की शाम 5.30 बजे के आसपास दुपहिया वाहन पर सवार होकर वलगांव की ओर जा रहा था, तब उसने देखा था कि, पुराना हड्डी कारखाने के सामने काले-ग्रे रंग की कार क्रमांक एमएच-34/बीआर-6653 रास्ते के किनारे पेड से टकराकर गाडी खडी थी. जिसके सामने अब्दुल कलाम का दुपहिया वाहन क्रमांक एमएच-27/डीवी-6192 सडक पर नीचे गिरा पडा था. जिसके थोडी ही दूर पर तीनों आरोपियों द्वारा अब्दुल कलाम पर चाकू जैसे धारदार हथियार से वार किए जा रहे थे. यह देखते ही चीखपुकार मचाने पर तीनों आरोपी वहां से भाग गए थे. जिसके उपरांत अब्दुल कलाम को अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराते हुए यह भी बताया गया कि, एएसआई अब्दुल कलाम के बडे भाई अब्दुल सलाम ने करीब दो-तीन वर्ष पहले एहसानोद्दीन के परिवार की महिला से बेटी के विवाह हेतु ब्याज पर पैसे लिए थे और समय-समय पर पैसे वापिस भी लौटाए थे. लेकिन इसके बावजूद उक्त महिला द्वारा अब्दुल सलाम और उनकी पत्नी से आए दिन पैसों का तगादा लगाया जाता था. साथ ही एक बार एहसानोद्दीन ने अपनी पत्नी व दोनों बेटों सहित रिश्तेदार आवेज खान के साथ मिलकर अब्दुल सलाम और उसकी पत्नी के साथ मारपीट की थी. जिसे लेकर गाडगे नगर पुलिस थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी. चूंकि अब्दुल सलाम के दोनों भाई अब्दुल कलाम और अब्दुल रहीम पुलिस महकमे में कार्यरत थे. जिसके चलते अपने खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई की खुन्नस रखते हुए एहसानोद्दीन के बेटे जियानोद्दीन ने अपने दो ममेरे भाईयों आवेज खान अय्यूब खान व फाजील खान साबीर खान के साथ मिलकर एएसआई अब्दुल कलाम पर 28 जून को प्राणघातक हमला करते हुए उन्हें मौत के घाट उतार दिया था.
इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए पीसीआर के दौरान पूछताछ करने के बाद अदालती आदेश पर सेंट्रल जेल में भेज दिया था. जहां पर तीनों आरोपी विचाराधीन कैदी के तौर पर अब तक बंद है. इन तीनों आरोपियों में से फाजील खान साबीर खान ने खुद को जमानत मिलने की नागपुर हाईकोर्ट में एड. जेमिनी कासट के जरिए अपील दायर की थी. जिस पर सुनवाई करते हुए नागपुर हाईकोर्ट ने फाजील खान साबीर खान को सशर्त जमानत देना मंजूर किया. 50 हजार रुपए के निजी मुचलके तथा दो जमानतदारों की ओर से दी गई जमानत के आधार पर फाजील खान को जेल से रिहा करने का आदेश देने के साथ ही अदालत ने कहा कि जमानत अवधि के दौरान आरोपी को मामले की अदालती सुनवाई में प्रत्येक तारीख पर उपस्थित रहना होगा. साथ ही वह इस दौरान अपने रिहायश की जगह और मोबाइल नंबर को बिना पूर्व सूचना के बदल नहीं सकेगा. इसके अलावा मामले से जुडे गवाहों एवं सबूतों को प्रभावित करने का प्रयास भी नहीं करेगा. इसमें से किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर आरोपी को दी गई जमानत को रद्द कर दिया जाएगा.





