निंभा का ढोंगी बाबा गिरफ्तार
दैवी शक्ति के नाम पर करता था ठगी

* मूर्तिजापुर पुलिस की कार्रवाई
मूर्तिजापुर/दि.29- विदर्भ में अंधश्रद्धा निर्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है. अशोक खरात प्रकरण के बाद अब मूर्तिजापुर तहसील के निंभा गांव के एक ढोंगी बाबा को पुलिस ने अमरावती से गिरफ्तार किया है. खुद को दैवी शक्ति वाला बताकर लोगों को ठगने और छोटे बच्चों के साथ अमानवीय कृत्य करने वाले आरोपी को पुलिस ने बेड़ियां पहनाई हैं.
आरोपी चेतन सुनील मुले द्वारा दरबार लगाकर छोटे बच्चों को मुंह से उठाकर घुमाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वह बच्चों के कपड़ों को मुंह से पकड़कर उन्हें हवा में घुमाता दिखाई दे रहा था. इस अमानवीय कृत्य से क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था. मामले को गंभीरता से लेते हुए अकोला जिले की निवासी प्रांजली मनोज रेवाल ने मूर्तिजापुर ग्रामीण पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, बाल न्याय अधिनियम 2015 तथा महाराष्ट्र नरबलि और अन्य अमानुष अघोरी प्रथा व काला जादू प्रतिबंध अधिनियम 2013 के तहत मामला दर्ज किया गया. अपराध दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था. पुलिस अधीक्षक अर्पित चांडक के मार्गदर्शन में विशेष जांच दल गठित किया गया. तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी के अमरावती में छिपे होने की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार कर लिया.
आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है. इस कार्रवाई में अपर पुलिस अधीक्षक बी. चंद्रकांत रेड्डी, विभागीय अधिकारी वैशाली मुले और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शंकर शेलके के निर्देशन में टीम ने अहम भूमिका निभाई. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अंधश्रद्धा से दूर रहें और ऐसे ढोंगी बाबाओं के झांसे में न आएं. बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना समय की मांग है.





