माथाडी मज़दूरों को राहत, अब 50 किलो तक ही उठेंगी बोरियां

राज्य सरकार का बडा फैसला, आदेश जारी

अमरावती/दि.29- राज्य सरकार ने माथाडी मज़दूरों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए कृषि उपज मंडियों में प्याज, आलू समेत अन्य कृषि उत्पादों की बोरियों का वजन 50 किलो तक सीमित करने का आदेश जारी किया है. इस निर्णय को सभी कृषि उपज मंडी समितियों में सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं.
सरकार का यह फैसला इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन के कन्वेंशन नंबर 127 के अनुरूप लिया गया है, जिसका उद्देश्य मजदूरों पर अत्यधिक भार पड़ने से रोकना और उनकी सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. श्रम विभाग द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, अब किसानों और व्यापारियों को अपनी उपज 50 किलो के बैग में ही पैक करनी होगी.

* पहले क्या था सिस्टम?
पहले कृषि उत्पादों को 100 किलो तक के बड़े बोरों में भरा जाता था. मजदूरों के विरोध के बाद इसे घटाकर 60 किलो किया गया था. अब इसे और कम करके 50 किलो कर दिया गया है.

* मजदूरों को होगा बड़ा फायदा
इस फैसले से जिले के 14 तालुकों में काम करने वाले सैकड़ों मथाडी मजदूरों को राहत मिलेगी. भारी वजन उठाने के कारण मजदूरों को कमर दर्द, गर्दन दर्द, कंधे व घुटनों में तकलीफ, स्लिप डिस्क जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था.

* किसानों की बढ़ सकती है लागत
हालांकि, इस निर्णय से किसानों की लागत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. छोटे बैग में पैकिंग, परिवहन और मंडी तक माल पहुंचाने का खर्च बढ़ सकता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो सकता है.

* जिम्मेदारी तय
सरकार ने इस नियम के पालन की जिम्मेदारी मार्केट कमेटियों के सचिव, सहकारी संस्थाओं के जिला उपनिबंधक और मार्केटिंग डायरेक्टर को सौंपी है. साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि इस बदलाव से मंडियों के कामकाज पर असर नहीं पड़ना चाहिए.

* जागरूकता पर जोर
प्रशासन ने सभी मंडियों से किसानों और व्यापारियों में इस नए नियम को लेकर जागरूकता फैलाने की अपील की है, ताकि मजदूरों को सुरक्षित कार्य वातावरण मिल सके.

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