भीषण गर्मी में शरीर के ये 3 अंग हो सकते हैं सबसे ज्यादा प्रभावित,

डॉक्टरों ने दी खास चेतावनी, स्वास्थ्य को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह

अमरावती/दि.29– राज्य में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू का असर अब केवल असहजता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह शरीर के महत्वपूर्ण अंगों के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लगातार तेज धूप, लू और शरीर में पानी की कमी के कारण शरीर के तीन महत्वपूर्ण अंग-हृदय, मस्तिष्क और किडनी-सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं. समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो ये अंग गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं.

* हृदय पर बढ़ता है सबसे ज्यादा दबाव
डॉक्टरों के अनुसार भीषण गर्मी में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए रक्त का प्रवाह त्वचा की ओर बढ़ जाता है, ताकि पसीने के जरिए शरीर ठंडा हो सके. इस प्रक्रिया में हृदय को सामान्य से अधिक तेजी से काम करना पड़ता है. शरीर में पानी की कमी होने पर रक्त गाढ़ा होने लगता है, जिससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. खासतौर पर उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

* हीट स्ट्रोक से मस्तिष्क को सबसे बड़ा खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जब शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है, तब ‘हीट स्ट्रोक’ का खतरा बढ़ जाता है. ऐसी स्थिति में मस्तिष्क की कार्यप्रणाली प्रभावित होने लगती है. तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उलझन, घबराहट, भ्रम की स्थिति, बोलने में कठिनाई और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. समय पर उपचार न मिलने पर मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है और स्थिति जानलेवा भी हो सकती है.

* किडनी पर भी पड़ता है गंभीर असर
अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर से तेजी से पानी और जरूरी लवण बाहर निकल जाते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन की स्थिति बनती है. पानी की कमी होने पर किडनी को रक्त फिल्टर करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है. इससे किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और गंभीर स्थिति में एक्यूट किडनी फेल्योर (अचानक किडनी खराब होना) का खतरा बढ़ सकता है. डॉक्टरों के अनुसार लंबे समय तक पानी की कमी रहने पर किडनी स्टोन की आशंका भी बढ़ जाती है.

* डॉक्टरों ने दिए 6 जरूरी सुझाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने गर्मी से बचाव के लिए नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है.
– डॉक्टरों के अनुसार दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए. नीबू पानी, छांछ, ओआरएस और नारियल पानी का सेवन शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है.
– दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचना चाहिए. इस दौरान बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को टोपी, गमछे या छाते से ढंककर निकलें.
– हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनना चाहिए, ताकि शरीर का तापमान नियंत्रित रहे.
– ज्यादा तैलीय, मसालेदार और भारी भोजन से बचना चाहिए.

* ये लक्षण दिखें तो तुरंत सावधान हो जाएं
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि चक्कर आना, उल्टी, तेज कमजोरी, सिरदर्द, घबराहट, अत्यधिक पसीना या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे नजरअंदाज न करें. ऐसी स्थिति में तुरंत व्यक्ति को ठंडी जगह पर ले जाएं, पानी पिलाएं, आराम कराएं और जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी से बचाव ही सबसे बड़ा उपचार है. थोड़ी सी सावधानी बरतकर लू और गर्मी से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य खतरों से बचा जा सकता है.

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