समाजकल्याण विभाग के राशन घोटाले का आरोप
प्रवीण सावले ने दी 1 मई को आत्मदाह करने की चेतावनी

* जिलाधीश कार्यालय के सामने आत्मदाह आंदोलन की घोषणा
* आपूर्ति ठेकेदार सावले ने खुद पर अन्याय होने का किया दावा
अमरावती /दि.29- समाजकल्याण विभाग के छात्रावासों में खाद्यान्न आपूर्ति के भुगतान में कथित अनियमितता और लाखों रुपये की बकाया राशि न मिलने से परेशान आपूर्ति ठेकेदार प्रवीण सावले ने प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए आगामी 1 मई को महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है.
आज यहां बुलाई गई पत्रवार्ता में उपरोक्त घोषणा करने के साथ ही स्थानीय शंकर नगर निवासी प्रवीण सुरेशराव सावले ने बताया कि समाजकल्याण विभाग के छात्रावासों में विद्यार्थियों के भोजन के लिए शासन द्वारा स्मार्ट सर्विसेस प्रा. लि., पुणे को ठेका दिया गया था. इस कंपनी को खाद्यान्न, किराना, सब्जियां और फल की आपूर्ति उनकी सहकारी संस्था के माध्यम से 7 मार्च 2024 से 1 अप्रैल 2025 के बीच की गई थी. उनकी संस्था ने निर्धारित अवधि में समाजकल्याण विभाग के छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों को सामग्री की नियमित आपूर्ति की. इस आपूर्ति का कुल बिल 73 लाख 68 हजार 674 रुपये बना. कंपनी ने बार-बार मांग के बावजूद केवल 68 लाख 69 हजार 575 रुपये का भुगतान किया, जबकि शेष 4 लाख 98 हजार 109 रुपये अब तक बकाया हैं.
प्रवीण सावले ने यह आरोप भी लगाया कि बकाया राशि मांगने पर संबंधित कंपनी ने भुगतान टालते हुए उन्हें जान से मारने की धमकियां दीं. इसके बाद उन्होंने 25 अक्टूबर 2024 को राजापेठ पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. साथ ही उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि मामले में पुलिस की निष्क्रियता के पीछे प्रभावशाली हस्तक्षेप है. उनका दावा है कि अमरावती एंटी करप्शन ब्यूरो कार्यालय के एक अधिकारी ने राजापेठ पुलिस को फोन कर इस शिकायत पर कार्रवाई न करने के निर्देश दिए, जिसके चलते उनकी शिकायत पांच से छह महीने तक लंबित पड़ी रही.
इस मामले में कार्रवाई न होने पर प्रवीण सावले ने 5 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी अमरावती, पुलिस महानिदेशक कार्यालय मुंबई और एंटी करप्शन ब्यूरो, महाराष्ट्र राज्य को भी लिखित शिकायत भेजने की बात बताते हुए कहा कि सभी दस्तावेज और प्रमाण देने के बावजूद न तो पुलिस ने मामला दर्ज किया और न ही कंपनी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई की गई. उनका कहना रहा कि लगातार आर्थिक नुकसान और प्रशासनिक उदासीनता के कारण उनका परिवार गंभीर मानसिक और आर्थिक संकट से गुजर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित कंपनी भुगतान करने के बजाय उन्हें दबाव में लेने और धमकाने का प्रयास कर रही है.
उपरोक्त जानकारी के साथ ही प्रवीण सावले ने चेतावनी दी है कि यदि विगत 5 अप्रैल को दी गई शिकायत पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आगामी 1 मई को स्थानीय जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आत्मदाह करेंगे. उन्होंने कहा कि यदि कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्मार्ट सर्विसेस प्रा. लि., पुणे, संबंधित प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस विभाग की होगी.
इस पूरे प्रकरण ने समाजकल्याण विभाग में आपूर्ति, भुगतान और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेता है.





