महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल के चुनाव में भाजपा समर्थित पैनल की हार

‘आईएमए मेंबर एमएमसी पैनल’ विजयी

* 8 सीटों पर दर्ज की जीत
नागपुर/दि.30 – महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (एमएमसी) के चुनाव में इस बार राजनीतिक रंग साफ दिखाई दिया. चुनाव जीतने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत लगा दी थी. इतना ही नहीं, डॉक्टरों की ओर से यह आरोप भी लगाया गया कि आईएमए में भी फूट डालने की कोशिश की गई. हालांकि, नतीजों में भाजपा समर्थित पैनल की करारी हार हुई, जबकि ‘आईएमए मेंबर एमएमसी पैनल’ ने जोरदार जीत हासिल की.
भाजपा ने ‘आईएमए परिवर्तन पैनल’ के पीछे पूरी ताकत झोंक दी थी. यह पैनल खुद को आईएमए का आधिकारिक पैनल बता रहा था. इस पैनल के समर्थन में मतदान के दिन मंत्री आशिष शेलार की मतदान केंद्रों पर मौजूदगी भी चर्चा में रही. लेकिन इन सबके बावजूद ‘आईएमए मेंबर एमएमसी पैनल’ की लड़ाई सफल रही. मतदाताओं ने भाजपा समर्थित पैनल को नकारते हुए ‘आईएमए मेंबर एमएमसी पैनल’ को स्पष्ट समर्थन दिया. इस पैनल ने 9 में से 8 सीटें जीतकर बड़ी जीत दर्ज की. इस पैनल के पीछे राज्य के सभी पूर्व आईएमए अध्यक्षों का समर्थन था.
* भाजपा समर्थित एकमात्र विजेता उम्मीदवार कौन?
इस चुनाव में कराड उज्वला किशनराव भाजपा समर्थित पैनल की एकमात्र विजेता उम्मीदवार रहीं. बाकी सभी आगे रहने वाले उम्मीदवार ‘आईएमए मेंबर एमएमसी पैनल’ के थे.
* ‘आईएमए मेंबर एमएमसी पैनल’ के विजयी उम्मीदवार
नतीजों के अनुसार संतोष अप्पासाहेब कदम (7030 वोट), संजय साहेबराव कदम (6901 वोट), निलेश वसंतराव निकम (5988 वोट), संजय गणेशराव देशपांडे (5804 वोट), सुनील माधवराव इंगले (5630 वोट), अनिलकुमार भास्कर पाटील (5550 वोट), मंगेश मधुकर गुलवडे (5506 वोट) और अनिल शंकर पाचनकर (5167 वोट) विजयी रहे. इन सभी उम्मीदवारों को ‘आईएमए मेंबर एमएमसी पैनल’ का समर्थन था.
* भाजपा की रणनीति
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने राज्य के सभी नेताओं और पदाधिकारियों की ऑनलाइन बैठक लेकर ‘आईएमए आधिकारिक’ पैनल के सभी उम्मीदवारों को जिताने के निर्देश दिए थे. इसके अनुसार भाजपा के हर पदाधिकारी को कम से कम पांच डॉक्टरों से संपर्क करने को कहा गया था. भाजपा के नगरसेवक, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और अन्य पदाधिकारियों ने डॉक्टर मतदाताओं से संपर्क किया.

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