कट्टर शिवसैनिक ने वापिस उठाया धनुष्यबाण
एकनाथ शिंदे की शिवसेना में प्रवेश

*बच्चू कडू वापस विधायक बनेंगे
* प्रहार का अस्तित्व कायम रहेगा
* उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का दिया है कदम-कदम पर साथ
* पश्चिम विदर्भ और महाराष्ट्र की राजनीति में बडी घटना
* अमरावती में कार्यकर्ताओं में जबर्दस्त जोश और प्रसन्नता
* आधी रात को हुई सीधे शिंदे से चर्चा पश्चात लिया डिसीजन
* पुन: सुदृढ हुई अमरावती संभाग में धनुष्यबाण की शक्ति
अमरावती/मुंबई/दि.30 – महाराष्ट्र की राजनीति में बडा बदलाव लाने वाली घटना आज हुई जब प्रहार जनशक्ति पार्टी के सर्वेसर्वा और अचलपुर के चार बार के विधायक, पूर्व मंत्री ओमप्रकाश उर्फ बच्चू कडू ने अपनी बरसों पुरानी पार्टी शिवसेना में पुन: प्रवेश कर लिया. उनके शिवसेना में जाने से न केवल अमरावती संभाग बल्कि प्रदेश की राजनीति में बडे परिवर्तन की अपेक्षा की जा रही है. चर्चाएं अभी से प्रारंभ हो गई है. सबसे बडी बात बच्चू कडू ने अपने प्रहार जनशक्ति पक्ष का अस्तित्व कायम रखते हुए शिवसेना में प्रवेश किया. उन्होंने ऐलान कर दिया कि, झंडा बदला है अजेंडा नहीं. उसी प्रकार उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी बच्चू कडू का दिल से पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि, कडू के आने से शिवसेना मजबूत हुई है. नये जोश के साथ किसानों, दिव्यांगों, मजदूरों को बल देने के लिए शासन के माध्यम से काम करेंगे. बच्चू कडू की मंगलवार आधी रात के बाद हुई चर्चा के आधार पर आज का पक्ष प्रवेश होने की जानकारी खबरों में दी जा रही है. एकनाथ शिंदे के सरकारी बंगले पर बच्चू कडू ने अत्यंत चुनिंदा पदाधिकारियों के संग सीधी बातचीत की और कडू शिवसेना में शामिल होने राजी हो गये. उन्हें पार्टी ने आज प्रवेश देकर हाथोंहाथ विधान परिषद की उम्मीदवारी की घोषणा कर दी.
* शिवसेना में ही जन्म
पूर्व विधायक बच्चू कडू ने शिवसेना में शामिल होते समय कहा कि, देखा जाये तो आज बडा भावना प्रधान क्षण है. शिवसेना में ही उनका जन्म हुआ. आज पुन: प्रवेश करते हुए अपार आनंद हो रहा है. धनुष्यबाण उठाने का भी अभिमान है. उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बडी प्रशंसा करते हुए कहा कि, सामान्य लोगों के लिए रात को 2 बजे भी एकनाथ शिंदे का दरवाजा खुला रहता है. इसीलिए शिवसेना में प्रवेश का डिसीजन लिया है. शिंदे ने ही किसानों और दिव्यांगों के लिए काम किये है और शासन के माध्यम से आगे भी काम करने का आश्वासन दिया है.
* राज्यभर में बढाएंगे शिवसेना
बच्चू कडू ने समस्त महाराष्ट्र में शिवसेना को बढाने का प्रयत्न करने की बात कही. इसके लिए प्रामाणिक रुप से काम करने का वचन दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि, किसानों और दिव्यांगों की ताकत उन्हें चाहिए. इस विषय पर कोई समझौता नहीं होगा. बच्चू कडू ने कहा कि, झंडा बदला है, अजेंडा नहीं. बच्चू कडू ने कहा कि, किसानों के हित में संघर्ष में कोई अंतर नहीं आएगा. प्रहार सामाजिक संगठन और प्रहार दिव्यांग संगठन कायम रहेगा. किंतु शिवसेना कैसे बढे और मजबूत होवे, इसके लिए प्रयत्न करेंगे. शरीर की प्रत्येक बूंद पार्टी के लिए रहेगी. बच्चू कडू ने याद किया कि, बालासाहब ठाकरे को उस समय दिया गया पत्र आज भी उनके पास सुरक्षित है, जिसमें किसान कर्जमाफी और कपास को गारंटी मूल्य की मागं करते हुए शिवसेना से बाहर निकले थे. आज फिर किसानों के मुद्दे पर ही शिवसेना में प्रवेश कर रहे हैं.

* डीसीएम शिंदे ने भी की प्रशंसा
बच्चू कडू का शिवसेना में जोरदार स्वागत करते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बहुत तारीफ की. उन्होंने कहा कि, सर्वसामान्य लोगों, दिव्यांगों के लिए संघर्ष करने वाला आंदोलक के रुप में बच्चू कडू की ख्याति है. जब-जब आंदोलन और मोर्चे निकले, बच्चू कडू की ताकत हमने देखी है. कडू ने असंख्य कार्यकर्ताओं के साथ शिवसेना में प्रवेश किया है. उनका शिवसेना में स्वागत करता हूं. बच्चू कडू मूल रुप से शिवसैनिक होने का खास उल्लेख शिंदे ने किया. उन्होंने कहा कि, बच्चू कडू के मुद्दे, नीतियां, गरीबों के साथ न्याय देने के लिए सत्ता का बल जरुरी होता है. बच्चू कडू और शिवसेना नया समीकरण नहीं है. संघर्षशील कार्यकर्ता आज शिवसेना में आ गया है. हमारी लडाई विचारों की है. वह निश्चित ही जोरदार अंदाज में आगे बढेगी. डीसीएम ने कहा कि, मुख्यमंत्री के रुप में उन्होंने दिव्यांग मंत्रालय शुरु किया. इसका फायदा आज लोगों को हो रहा है. इसीलिए शिवसेना चांदा से लेकर बांदा तक पहुंची है. एक बार वचन दे दिया तो फिर एकनाथ शिंदे पीछे नहीं हटते. एकनाथ शिंदे आप सभी के साथ होने का ऐलान उपमुख्यमंत्री शिंदे ने किया.
* शिंदे ने कहा बच्चू जननेता
बच्चू कडू एक कट्टर कार्यकर्ता हैं और वे आम लोगों के नेता हैं. दिव्यांग, किसान, गरीब और शोषितों के नेता के रूप में उनकी पहचान है. उन्होंने आज अनेक कार्यकर्ताओं के साथ शिवसेना में प्रवेश किया है. लोगों के लिए लड़ने वाले नेता के रूप में उनकी पहचान है. मैं उनका शिवसेना में स्वागत करता हूं. शिवसेना उनके लिए नई नहीं है. आज वे अपने घर यानी शिवसेना में लौटे हैं. सिर्फ विधायक बनने के लिए नहीं, बल्कि गरीबों के सवालों के लिए सत्ता की ताकत जरूरी होती है. पिछले ढाई सालों में वे हमारे साथ रहे हैं. इसलिए आप हमारे लिए नए नहीं और हम आपके लिए नए नहीं. ऐसी प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बच्चू कडू के पार्टी प्रवेश पर अपनी बात रखी. विचारों की लड़ाई को ताकत देनी है, यही हमें दिघे साहब ने सिखाया है. अन्याय के खिलाफ लड़ना है. हमारी दोनों की भूमिका एक ही है. तब आम लोगों के काम पीछे नहीं रहेंगे. राजनीतिक लड़ाई के साथ शिवसेना को बढ़ाने का काम बच्चू कडू करेंगे, ऐसा विश्वास भी एकनाथ शिंदे ने जताया. उनके साथ प्रहार संगठन की ताकत भी मिलेगी, ऐसा भी उन्होंने कहा. उन्होंने उम्मीदवारी के लिए नहीं बल्कि सभी वर्गों को न्याय दिलाने के लिए प्रवेश किया है.
* क्या हुआ मंगलवार रात?
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सरकारी निवास पर मंगलवार आधी रात के बाद बच्चू कडू अपने चुनिंदा प्रहारियों के संग पहुंचे. दोनों नेताओं के बीच सामूहिक और व्यक्तिगत रुप से चर्चा हुई. प्रहार पदाधिकारी देशमुख और अन्य भी बच्चू कडू के साथ उपस्थित थे. खबरों के अनुसार उपमुख्यमंत्री ने बच्चू कडू के अनेक मुद्दे पर सहमति दर्शाते हुए किसान, मजदूर, दिव्यांगों के हित में सत्ता के उपयोग का वादा किया. खबरों के अनुसार फसलों के गारंटी मूल्यों पर भी उपरोक्त मुलाकात में चर्चा होने की जानकारी है. जिसके बाद बच्चू कडू ने रात में ही अपने पदाधिकारियों के साथ चर्चा कर निर्णय पक्का कर लिया. अमरावती में संदेशा भेजकर एक प्रमुख पदाधिकारी से विधान परिषद नामांकन के लिए आवश्यक सभी दस्तावेज मंगाये गये. अमरावती-मुंबई ट्रेन से यह दस्तावेज प्रमुख कार्यकर्ता लेकर गया. उपरान्त बुधवार दोपहर बच्चू कडू ने पत्रकारों को संबोधित किया. किंतु योजना के अनुसार कडू ने स्पष्ट नहीं कहा.
* प्रहार कायम, कार्यकर्ता चाहे तो आ सकते शिवसेना में
आज पक्ष प्रवेश करने के साथ बच्चू कडू ने स्पष्ट किया कि, प्रहार संगठन कायम रहेगा. पहले के समान दिव्यांगों और सामाजिक कार्यों में जुटा रहेगा. कडू ने अपने साथी पदाधिकारियों से उनकी इच्छा पर शिवसेना में आने का आवाहन भी कर डाला. बच्चू कडू ने कहा कि, प्रहार सामाज संगठन और प्रहार दिव्यांग संगठन पहले के समान कार्यरत रहेंगे. सामाजिक काम करने वाले कार्यकर्ता संगठन में रहेंगे और राजकीय इच्छुक शिवसेना में प्रवेश करने का पर्याय उन्होंने दिया. कडू ने कहा कि, उनकी राजनीतिक पारी शिवसेना से ही प्रारंभ हुई थी. अंत भी शिवसेना में ही हो, ऐसी उनकी इच्छा है. कडू ने स्पष्ट कर दिया कि, मंत्री पद के लिए न कोई ऑफर है न डिमांड.
* दायर किया उच्च सदन हेतु नामांकन
सचिवालय जाकर बच्चू कडू ने शिवसेना नेताओं के साथ विधान परिषद हेतु नामांकन पत्र प्रस्तुत कर दिया. उनके साथ ही पार्टी की बडी नेता डॉ. नीलम गोर्हे ने भी पर्चा भरा. शिवसेना ने दोनों को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर दिया था. नामांकन दाखिल करते समय उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित शिवसेना के अनेक बडे नाम मौजूद थे. जिनमें उदय सामंत सहित मंत्रीगण रहे. बच्चू कडू की सर्वप्रथम शिवसेना प्रवेश संबंधी चर्चा उद्योग मंत्रालय संभाल रहे उदय सामंत के साथ ही हुई थी.
* झंडा बदला है, अजेंडा नहीं
बच्चू कडू ने कहा कि, उन्होंने केवल झंडा बदला है, अपना अजेंडा नहीं बदला. कडू ने कहा कि, किसानों के हित में संघर्ष में कोई अंतर नहीं आएगा. प्रहार सामाजिक संगठन और प्रहार दिव्यांग संगठन कायम रहेगा. किंतु शिवसेना कैसे बढे और मजबूत होवे, इसके लिए प्रयत्न करेंगे. शरीर की प्रत्येक बूंद पार्टी के लिए रहेगी. बच्चू कडू ने कार्यकर्ताओं से अपनी इच्छा के अनुसार शिवसेना में शामिल होने का आवाहन भी कर डाला.
* शिंदे ने दिया शब्द
खबरों में दावा किया गया कि, मंगलवार देर रात हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने सरकारी निवास पर ओमप्रकाश उर्फ बच्चू कडू को पार्टी में आने के लिए आग्रह किया. बच्चू कडू के अजेंडा के शासन में रहते क्रियान्वित करने का भी शब्द दिया है. इतना ही नहीं तो बच्चू कडू ही इन विषयों, मुद्दों पर पहल और काम करेंगे, ऐसा भी डीसीएम शिंदे ने कह दिया.
* कडू शिवसेना में आने से अपार आनंद- सामंत
बच्चू भाऊ ने मेरे आने से पहले अगर खुद यह स्वीकार किया है कि वे माननीय एकनाथ शिंदे साहब के नेतृत्व पर विश्वास रखते हुए शिवसेना में शामिल हो रहे हैं, तो इससे बड़ी खुशी की बात कोई नहीं हो सकती. क्योंकि अमरावती जैसे ग्रामीण क्षेत्र से उनका नेतृत्व पूरे महाराष्ट्र को मिला है. दिव्यांगों के लिए, किसानों के लिए उन्होंने कई संघर्ष और आंदोलन किए हैं. ऐसा मेहनतकश नेता अगर पार्टी को मिलता है तो यह खुशी की बात है. इन शब्दों में शिवसेना नेता और उद्योग मंत्री उदय सामंत ने आनंद व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि, इस पूरे मामले में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है. अभी उम्मीदवार तय नहीं हुए हैं, मैं स्पष्ट कह रहा हूं कि दोनों उम्मीदवार अभी तय नहीं हुए हैं. बच्चू भाऊं ने जो निर्णय लिया है, वह वे खुद साहब को बताएंगे और उसके बाद साहब निर्णय लेंगे. अभी लगभग एक घंटे का समय है उम्मीदवार तय होने में. मेरे आने से पहले बच्चू भाऊ ने प्रेस को बताया, इसलिए मैं खुशी व्यक्त करता हूं कि उनके जैसे मेहनतकश और किसानों के नेता ने शिंदे साहब पर विश्वास रखते हुए धनुष-बाण उठाने का निर्णय लिया है.





