रेत घाट पर गोलीबार प्रकरण के आरोपी बरी
एड. लतीफ मिर्जा और एड. रियाज चौहान द्वारा पैरवी

अमरावती/दि.2– यवतमाल के रालेगांव तहसील अंतर्गत वार्हा के ठीक 8 वर्ष पूर्व हुए हमले और गोलीबार प्रकरण के आरोपी सामीर खान वाहेज खान को यवतमाल के विशेष सत्र न्यायाधीश एस. यू. बघेले ने परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर आरोप सिद्ध नहीं होने और जांच की खामियों के कारण दोषमुक्त करने का फैसला हाल ही में सुनाया. आरोपी का सफल बचाव एड. लतीफ मिर्जा ने किया. उन्हें एड. रियाज चौहान ने सहकार्य किया.
घटना 29 अप्रैल 2018 की रात की है. वार्हा का रेत घाट सचिन महल्ले नामक व्यक्ति ने नीलामी में लिया था. रेत घाट की बोली को लेकर हुए विवाद में स्वप्नील उजवने और विकास जंजाल सहित 10-12 लोग रेत घाट पर तलवारे और बंदूक लेकर गये. शिकायत के अनुसार वहां आरोपियों ने सचिन महल्ले कहां है, ऐसा पूछा और सचिन महल्ले के दिवानजी प्रशांत महल्ले को पीटा. रेत घाट की पोकलैंड मशीन पेट्रोल डालकर जला दी. वहां मौजूद कुछ लोगों ने गोलीबार किया.
यह घटना सचिन महल्ले को पता चलते ही उन्होंने रालेगांव थाने में शिकायत दी. इस आधार पर पुलिस ने विकास जंजाल के साथ 10-12 लोगों के विरुद्ध भादंवि धारा 307, 385, 147, 120 ब के अनुसार अपराध दर्ज कर 9 लोगों के विरुद्ध सत्र न्यायालय यवतमाल में आरोप पत्र दाखिल किया.
कोर्ट में एड. लतीफ मिर्जा ने अपने मुवक्कील आरोपी सामीर खान वाहीद खान (नेर) को दोषमुक्त करने आवेदन किया था. उनकी अर्जी पर सुनवाई दौरान एड. लतीफ ने कोर्ट के ध्यान में ला दिया कि, उनके मुवक्कील का नाम दर्ज एफआईआर में नहीं है. क्रॉस चेकिंग में सचिन महल्ले ने दिये बयान में आरोप किया था कि, एक महीना पहले सामीर खान ने उसे पांच रुपए खंडणी मांगी थी. न देने पर पोकलैंड मशीन जला देने की धमकी दी थी. किंतु पुलिस के आरोप पत्र में समीर खान के विरुद्ध पक्का सबूत उपलब्ध नहीं हुआ. जांच के दौरान आरोपी की पहचान परेड भी नहीं ली गई. परिस्थिति जन्य सबूतों से आरोप सिद्ध नहीं होने की बात अदालत में कही.





