टमाटर, तरबूज, पपीता, बैगन और प्याज की फसल बेहाल

गर्मी और गिरते दामों से किसानों पर संकट

नांदगांव खंडेश्वर/दि.2 – क्षेत्र के किसानों पर इस समय दोहरी मार पड़ रही है. एक तरफ भीषण गर्मी और लू का असर, तो दूसरी ओर बाजार में फसलों के गिरते दाम-इन दोनों कारणों से टमाटर, तरबूज, पपीता, बैंगन और प्याज जैसी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. किसानों के अनुसार लू के कारण तरबूज पर सफेद धब्बे पड़ गए हैं और बेलें सूखने लगी हैं. ऊपर से होलसेल बाजार में तरबूज का भाव मात्र 4 रुपये प्रति किलो मिलने से उत्पादन लागत भी नहीं निकल पा रही है.
टमाटर की स्थिति और भी खराब है. बाजार में 25 किलो की एक क्रेट केवल 100 रुपये में बिक रही है, यानी करीब 4 रुपये प्रति किलो. ऐसे में कटाई और परिवहन का खर्च भी किसानों को अपनी जेब से देना पड़ रहा है. कई किसानों ने तो नुकसान से बचने के लिए फसल की कटाई ही बंद कर दी है, जिससे बची हुई फसल जंगली जानवरों द्वारा बर्बाद हो रही है. बैंगन की फसल का भी यही हाल है.
पपीते की खेती करने वाले किसानों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. बाजार में पपीते का थोक भाव 1 से 2 रुपये प्रति किलो तक गिर गया है, जिससे उत्पादन लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है. चिलचिलाती गर्मी में इस नाजुक फसल की देखभाल करना किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. किसानों का कहना है कि फसल उगाने से लेकर कटाई और बाजार तक पहुंचाने में काफी मेहनत और खर्च लगता है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में लागत भी नहीं निकल पा रही है. उन्होंने सरकार से राहत और उचित मूल्य दिलाने की मांग की है.

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