बच्चू कडू ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए कार्यकर्ताओं के भविष्य की कुर्बानी दी
प्रहार जनशक्ति पार्टी के परभणी जिला अध्यक्ष का आरोप

परभणी/दि.2- शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होकर बच्चू कडू ने अपने राजनीतिक स्वार्थ को साधा है, हम उनके इस निर्णय के साथ नहीं हैं. उन्होंने यह फैसला लेते समय कार्यकर्ताओं को विश्वास में नहीं लिया. अपने स्वार्थ के लिए उन्होंने कार्यकर्ताओं के भविष्य की कुर्बानी दी है, ऐसा आरोप प्रहार जनशक्ति पार्टी के जिला प्रमुख शिवलिंग बोधने ने लगाया. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बच्चू कडू के साथ जाने का कोई इरादा नहीं है.
बच्चू कडू ने एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में शिवसेना में प्रवेश करते हुए प्रहार जनशक्ति पार्टी के शिवसेना में विलय की घोषणा की थी. लेकिन इस विलय के दौरान महाराष्ट्र के पदाधिकारियों सहित परभणी जिले के किसी भी पदाधिकारी को विश्वास में नहीं लिया गया और न ही उनसे कोई राय ली गई, ऐसा आरोप बोधने ने लगाया. उन्होंने कहा कि बच्चू कडू के इस एकतरफा निर्णय से पिछले 8-10 वर्षों से पार्टी में काम कर रहे पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का राजनीतिक नुकसान हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चू कडू ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए उन कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया, जिन्होंने वर्षों तक आंदोलन करते हुए, अपने ऊपर मामले दर्ज करवाकर और कड़ी मेहनत करके पार्टी को मजबूत किया.
बच्चू कडू द्वारा पार्टी विलय के निर्णय के विरोध में नाराजगी व्यक्त करने के लिए परभणी में प्रहार जनशक्ति पार्टी की कोर कमेटी की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आने वाले दो दिनों में जिले के सभी तालुकों का दौरा कर तालुका प्रमुख, उपतालुका प्रमुख, शहर प्रमुख, उपशहर प्रमुख और शाखा प्रमुखों से भविष्य की राजनीतिक दिशा पर चर्चा की जाएगी और उनका मत लिया जाएगा. इसके बाद कोर कमेटी की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा. बैठक में यह भी तय किया गया कि आगामी 2-3 दिनों में भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर निर्णय सार्वजनिक किया जाएगा.
इस बैठक में जिला प्रमुख शिवलिंग बोधने के साथ कोर कमेटी के सदस्य, प्रहार दिव्यांग क्रांति आंदोलन संस्था के जिला प्रमुख केशव जाधव, जिला चिटणीस रामेश्वर पुरी, जिला उपाध्यक्ष रामेश्वर जाधव, उद्धव गरुड, संजय वाघमारे, नितीनकुमार वैराळ, धर्मेंद्र तुपसमुद्रे, मनोज माने आदि उपस्थित थे.





