अवैध शराब बिक्री पर रोकने सरकार ने लिया बड़ा फैसला
तहसील समितियों का पुनर्गठन, बढाए अधिकार

अमरावती/दि.12 – राज्य में अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर अधिक प्रभावी तरीके से नियंत्रण पाने के लिए राज्य सरकार ने तहसीलस्तरीय समितियों के पुनर्गठन का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. इस नई संरचना के अनुसार, अब तहसीलदारों की बजाय उपविभागीय दंडाधिकारियों को इस समिति का अध्यक्ष पद सौंपा गया है. अवैध धंधों पर रोक लगाने में लापरवाही होने पर संबंधित पुलिस थाने के प्रभारी और उत्पादन शुल्क निरीक्षकों को सीधे जिम्मेदार ठहराया जाएगा.
* बदलाव का कारण क्या?
इससे पहले 2005 के शासन निर्णय के अनुसार यह समिति तहसीलदारों की अध्यक्षता में कार्यरत थी. हालांकि, महाराष्ट्र दारूबंदी अधिनियम 1049 की धारा 93 के अनुसार, दारूबंदी संबंधी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के अधिकार उपविभागीय दंडाधिकारियों को हैं. इस बात और छत्रपति संभाजीनगर के विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता वाले अध्ययन समूह की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए गृह विभाग ने इस समिति की संरचना में बदलाव किया है.
* ऐसी होगी समिति की नई संरचना
पुनर्गठित समिति में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है. उपविभागीय दंडाधिकारी इस समिति के अध्यक्ष होंगे, जबकि संबंधित पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी (थानेदार) सदस्य सचिव होंगे. उपविभागीय पुलिस अधिकारी, तहसीलदार, राज्य उत्पादन शुल्क विभाग के उपअधीक्षक और निरीक्षक तथा वैद्यकीय अधिकारी सदस्य रहेंगे. पंचायत समिति की सभी महिला जनप्रतिनिधि इस समिति की पदसिद्ध सदस्य होंगी.
* हर महीने समीक्षा अनिवार्य
अवैध शराब के धंधों का पूरी तरह उन्मूलन करने के लिए इस समिति को महीने में कम से कम एक बार बैठक करना अनिवार्य होगा. तालुका के गांवों में हाथभट्टी या अवैध शराब की बिक्री पूरी तरह बंद हुई है या नहीं, इसकी समीक्षा इस बैठक में की जाएगी. खास बात यह है कि एक तालुका में एक से अधिक पुलिस थाने होने पर भी यह समिति पूरे तालुका के लिए एक ही रहेगी.
* पालकमंत्री की सहमति से अतिरिक्त सदस्य
यदि इस समिति में शासकीय या अशासकीय अतिरिक्त सदस्यों की नियुक्ति करनी हो, तो जिलाधिकारी संबंधित जिले के पालकमंत्री से विचार-विमर्श कर निर्णय लेंगे, ऐसा भी शासन निर्णय में स्पष्ट किया गया है. इस निर्णय को तत्काल लागू करने के आदेश पुलिस महासंचालक और राज्य उत्पादन शुल्क आयुक्त को दिए गए हैं. अवैध शराब धंधों के संबंध में पुलिस विभाग और राज्य उत्पादन शुल्क विभाग द्वारा ग्राम स्तर से राज्य स्तर तक की गई कार्रवाई की समीक्षा करने के लिए राज्य उत्पादन शुल्क मंत्री की अध्यक्षता में पहले ही अवैध शराब प्रतिबंधक राज्य स्तरीय समिति गठित की जा चुकी है. इन समितियों को कठोर कार्रवाई के अधिकार हैं.





