…हे भगवान गर्मी हैं कि क्या हैं?
अकोला पूरे राज्य में सबसे गर्म, अमरावती दो नंबर पर

* फिर अप्रैल वाली होड, पारा 46 डिग्री के पास
* अभी और दो दिन तीव्र उष्ण लहर
अमरावती/दि.13 – पश्चिम विदर्भ में पड रहे आसमान से आग के शोले समान गर्मी की वजह से हर कोई हलाकान हो गया है. अमरावती राज्य में अकोला के बाद गर्म शहरों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर चल रहा है. अकोला में सर्वाधिक करीब 46 डिग्री के पास तापमान दर्ज किया गया. वहीं अमरावती 45.6 डिग्री के साथ मानों अप्रैल माह समान पीछे-पीछे चल रहा है. भयंकर तपिश ने पश्चिम विदर्भ के जनजीवन को झकझोर दिया है. मौसम विभाग एवं जानकारों का अंदाज है कि, अगले दो दिन उष्ण लहर कायम रहेगी. हीट वेव में देख संभलकर रहने की चेतावनी मौसम विभाग और प्रशासन ने दी है. बार-बार पानी जी कर रहा है. ऐसे में दो दिनों में उष्माघात के मरीजों की बढोतरी की आशंका जिला सामान्य अस्पताल के डॉक्टर्स ने व्यक्त की है.
उल्लेखनीय है कि, पिछले अप्रैल माह में भी अमरावती और अकोला सहित पश्चिम विदर्भ भट्टी समान तप रहा था. पारे ने ऐतिहासिक छलांग लगाई थी, जब अकोला व अमरावती समस्त भारत में सबसे गर्म शहर, जिले गिने गए थे. दोबारा मई माह में ऐसी ही होड यहां देखने मिल रही है. गर्मी के कारण बच्चे-बूढे सभी परेशान हो गए है. त्राहि-त्राहि कर रहे हैं. ऐसे में यह भी विशेष है कि, समूचा विदर्भ आसमान से बरसती आग का सामना कर रहा है.
* मराठवाडा और पश्चिम भी हॉट
मराठवाडा और पश्चिम महाराष्ट्र भी विदर्भ जैसी गर्मी की चपेट में आ गए है. मराठवाडा के अनेक जिलों बीड, परभणी, धाराशिव में पारा 42-43 डिग्री पार हो गया है. वहीं पश्चिम महाराष्ट्र के कोल्हापुर से लेकर सोलापुर, सांगली, सातारा हॉट गिने जा रहे है. वहां तापमान 41 डिग्री को छू रहा है. प्रदेश के अन्य भागों में भी अधिकतम तापमान नए रिकॉर्ड बनाने की ओर बताए जा रहे हैं.
* अगले दो दिन हीट वेव
मौसम विभाग ने तीन दिनों की तीव्र उष्ण लहर की चेतावनी पश्चिम विदर्भ को दी थी. यलो अलर्ट दिया था. अब उसमें एक दिन की बढोतरी की गई है. अगले दो दिन हीट वेव का आलम कायम रहेगा. लू से बचाव की अपील विभाग और प्रशासन ने की है. चिकित्सक भी बहुत जरुरी काम होने पर ही तेज धूप में निकलने कह रहे हैं. भरपूर मात्रा में पानी और शीतल पेय के सेवन की सलाह दी जा रही है. शरीर को डिहाईड्रेशन से बचाने का आवाहन चिकित्सक कर रहे हैं.
* 300 से अधिक मरीज
इस बीच सरकारी और निजी अस्पतालों में गर्मी के बुखार खास कर डिहाईड्रेशन के मरीजों की संख्या बढती जा रही है. निजी अस्पतालों में रोज 100 से अधिक रुग्ण आ रहे हैं. उन्हें ग्लुकोज चढाने के अलावा दवाई दी जा रही है, उपचार किया जा रहा है. यही आलम जिला अस्पताल और सरकारी अस्पताल में है. वहां बनाए गए उष्माघात के कक्ष भर गए हैं. अपृष्ठ खबरों के अनुसार सडक किनारे रहनेवाले आधा दर्जन बेघर उष्माघात के शिकार हो गए हैं.
अकोला 45.6
अमरावती 45.4
बुलढाणा 43.5
वाशिम 43.4
यवतमाल 41.8
नागपुर 43
वर्धा 44.2
चंद्रपुर 42.2
गडचिरोली 41.4
अहिल्या नगर 43
संभाजी नगर 43.6
बीड 44
जलगांव 45.5
कोल्हापुर 38.7
मालेगांव 43.8
नाशिक 41.2
परभणी 43.1
धाराशिव 40.8
सांगली 44.4
सातारा 41.7
सोलापुर 41.8