पानी की टंकी से निकली सड़ी-गली लाश, पठान चौक में सनसनी

बंद पड़े दवाखाने की छत पर रखी टंकी में मिला शव,

बदबू फैलने पर हुआ खौफनाक खुलासा
टंकी खोलते ही उड़े होश, पहचान मिटा चुकी लाश देख दहल उठे लोग                                                                                      अमरावती/दि.13-अमरावती शहर के पठान चौक परिसर में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक बंद पड़े दवाखाने की पानी की टंकी से सड़ी-गली अवस्था में एक अज्ञात व्यक्ति की लाश बरामद हुई। टंकी से शव मिलने की खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई और कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
यह पूरी घटना शहर के प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. वजीर पटेल की संस्था से जुड़े लंबे समय से बंद पड़े दवाखाने की बताई जा रही है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार दवाखाना काफी समय से बंद था और उसकी इमारत सुनसान पड़ी रहती थी। इमारत की छत पर पानी की दो बड़ी टंकियां रखी हुई हैं।
बदबू ने खोला मौत का राज
सुबह अचानक पूरे परिसर में तेज सड़ांध फैलने लगी। शुरुआत में लोगों को लगा कि कहीं कोई जानवर मर गया होगा, लेकिन जैसे-जैसे बदबू बढ़ती गई, लोगों की शंका गहराती चली गई। स्थानीय नागरिकों ने तुरंत इसकी सूचना क्षेत्र के पार्षद राशीद अली और सामाजिक कार्यकर्ता वाहिद खान को दी।
दोनों मौके पर पहुंचे और नागपुरी गेट पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की मौजूदगी में बंद पड़े दवाखाने का ताला तोड़ा गया। अंदर प्रवेश करने के बाद जब छत पर रखी पानी की टंकियों की जांच की गई, तब एक टंकी का ढक्कन खोलते ही वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए।
टंकी के भीतर एक व्यक्ति की लाश पूरी तरह सड़ी-गली हालत में पड़ी थी। शव की स्थिति इतनी भयावह थी कि वहां मौजूद कई लोग दहशत में पीछे हट गए। बताया जा रहा है कि शव कई दिनों पुराना प्रतीत हो रहा है और लंबे समय तक पानी में पड़े रहने के कारण शरीर पूरी तरह गल चुका है।
पहचान मिटा चुकी लाश, पुलिस भी उलझन में
शव की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि मृतक पुरुष है या महिला, यह स्पष्ट रूप से बता पाना भी शुरुआती जांच में मुश्किल हो रहा था। बाद में पुलिस ने प्राथमिक तौर पर इसे पुरुष का शव होने की आशंका जताई। शव पर कोई पहचान पत्र या ऐसा सामान नहीं मिला, जिससे उसकी शिनाख्त हो सके।
घटना की जानकारी मिलते ही नागपुरी गेट पुलिस की टीम, फॉरेंसिक विभाग के कर्मचारी तथा वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूरे परिसर को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। शव को बड़ी मशक्कत के बाद टंकी से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
हत्या, आत्महत्या या हादसा? कई सवाल खड़े
इस रहस्यमय घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर बंद पड़े दवाखाने की छत पर कोई व्यक्ति कैसे पहुंचा? क्या यह हत्या का मामला है, आत्महत्या है या फिर कोई हादसा? यदि हत्या हुई है तो शव को टंकी तक कौन लेकर गया? और इतने दिनों तक किसी को इसकी भनक क्यों नहीं लगी?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दवाखाना लंबे समय से बंद होने के कारण वहां असामाजिक तत्वों की आवाजाही की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं कुछ लोग इसे सुनियोजित अपराध भी मान रहे हैं।
पूरे इलाके में दहशत का माहौल
घटना के बाद पठान चौक परिसर में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। आसपास के लोगों में इस खौफनाक घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस ने फिलहाल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा मृतक की पहचान करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।

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