‘सोने में लोगों का सदियों से विश्वास कायम’

छोटे सराफा व्यापारियों को राहत पैकेज दें

* सराफा व्यापारी एसो. की पीएम मोदी से मांग
* जिलाधीश को सौंपा प्रधानमंत्री के नाम निवेदन
अमरावती /दि.19- ‘सोने में लोगों का सदियों से विश्वास कायम है.’ यह दावा करते हुए सराफा व्यापारी एसो. ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक निवेदन जिला प्रशासन के मुखिया जिलाधीश को सौंपा. जिसमें छोटे सराफा व्यापारियों के लिए राहत पैकेज दिए जाने की मांग की गई.
निवेदन देते समय अध्यक्ष राजेंद्र भंसाली, कोषाध्यक्ष मिलिंद श्रॉफ, सचिव सीमेश श्रॉफ, गोपाल पांडे, रंजन महाजन, प्रकाश अग्रवाल, शरद चुटके, किशोर वडनेरे आदि उपस्थित थे. एक पेज के निवेदन में एसो. ने कहा कि, प्रधानमंत्री ने ही गत 10 मई को हैदराबाद के संबोधन में एक वर्ष तक देशवासियों से सोना न खरीदने का आवाहन किया था. ऐसे में निवेदन के अनुसार सोने के मूल्य में भारी-भरकम बढोतरी के कारण पहले ही व्यापार 70 प्रतिशत कम हो गया है. जिससे व्यवसाय में परेशानी आ रही है.
* राहत पैकेज में दें टैक्स से राहत
एसो. ने स्वर्ण व्यापारियों व कारीगरों के लिए राहत पैकेज अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकार के टैक्स से एक साल की राहत, बैंक लोन के ब्याज में वर्षभर की छूट और विशेष आर्थिक पैकेज मांगा है, ताकि कठिन परिस्थिति में सराफा कारोबारियों का अस्तित्व बना रहें.
* बढेगी बेरोजगारी, बुरा असर
निवेदन में कहा गया कि, देश की जनता पीएम मोदी के आवाहन को बडे प्रमाण में मानती है, ग्राह्य करती है. उनके आवाहन से स्वर्ण कारोबार से जुडे कारीगर, गलाईवाले, पटवेकरी, सराफा कर्मचारी और स्वर्णकार के बिजनेस पर बुरा असर होने की आशंका है. बेरोजगारी बढने की आशंका है, फिर भी सराफा व्यवसायी देश हित में पीएम मोदी के साथ खडा है और रहेगा. कोरोना महामारी के बाद से ही व्यापार में मंदी का माहौल है. लोग सोना खरीदना बंद कर देंगें, तो हमारा व्यापार कम करना पड सकता है. हमारी रोजी-रोटी बंद हो सकती है. इस बिजनेस जुडे हजारों कारीगर बेरोजगारी की चपेट में आ सकते हैं. इसलिए राहत पैकेज पर गंभीरता से विचार कर घोषणा करने का अनुरोध जिलाधीश के माध्यम से किया गया.
* सराफा में नहीं समान ग्राहकी
सराफा मार्केट में 15 दिनों से ग्राहकी कम हो गई है. अब अधिक मास शुरु हो जाने से भी विवाह का सीजन कुछ दिनों के लिए थम गया है. ऐसे में परसों गुरुपुष्य का मुहूर्त चांदी के बिजनेस को थोडा प्रोत्साहन दे सकता है, अन्यथा सराफा मार्केट में ग्राहकी नहीं के बराबर होने का दावा कई कारोबारी और कारागिर वर्ग कर रहा है.

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