नीट पेपर लीक पर शिवसेना नेता का केंद्र सरकार को पत्र
सीबीआई जांच की मांग

अमरावती/दि.21 – शिवसेना के शहर प्रमुख एवं पूर्व विरोधी पक्ष नेता प्रवीण वसंतराव हरमकर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर नीट तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे कथित पेपर लीक मामलों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष रूप से पुणे में कई वर्षों से पेपर लीक रैकेट सक्रिय है, जिससे ईमानदार विद्यार्थियों का भविष्य बर्बाद हो रहा है.
पत्र में कहा गया है कि मेहनत और लगन से पढ़ाई करने वाले हजारों छात्रों को मेडिकल प्रवेश से वंचित होना पड़ रहा है, जबकि पैसे के दम पर अयोग्य छात्रों को एमबीबीएस सीटें मिल रही हैं. हरमकर ने इसे केवल शैक्षणिक घोटाला नहीं बल्कि देश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि पिछले 10 वर्षों के सभी नीट पेपर लीक मामलों की सीबीआई जांच कराई जाए तथा इसमें शामिल दलालों और दोषी अधिकारियों की संपत्ति जब्त की जाए. साथ ही पेपर लीक के माध्यम से मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की डिग्री रद्द कर उन्हें चिकित्सा क्षेत्र से आजीवन प्रतिबंधित करने की मांग भी की गई है.
पत्र में यह भी कहा गया है कि जिन योग्य छात्रों का प्रवेश छूट गया, उन्हें अतिरिक्त सीटें देकर न्याय दिया जाए या उचित मुआवजा प्रदान किया जाए. परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए पेपर सेटिंग और सुरक्षा की जिम्मेदारी इसरो एवं डीआरडीओ जैसी संस्थाओं को देने, एआई आधारित निगरानी और डिजिटल प्रश्नपत्र प्रणाली लागू करने की मांग भी उठाई गई है. प्रवीण हरमकर ने कहा कि पेपर लीक देशद्रोह जैसा अपराध है, क्योंकि इससे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की नींव कमजोर हो रही है. उन्होंने केंद्र सरकार से मामले में तत्काल कठोर कार्रवाई करने की अपील की है.





