महाराष्ट्र में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण शुरू
किसी पात्र मतदाता का नाम नहीं हटेगा

* मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम ने किया आश्वस्त
* 2002 की मतदाता सूची से होगा मतदाताओं के नामों का मिलान
* 1 लाख से अधिक बीएलओ घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन
मुंबई/दि.22- महाराष्ट्र में आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) यानी एसआईआर अभियान को लेकर राज्य निर्वाचन विभाग ने बड़ा स्पष्टीकरण दिया है. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम ने स्पष्ट कहा है कि राज्य में चलने वाली यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी तथा किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटाया नहीं जाएगा.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे वर्ष 2002 की मतदाता सूची के साथ अपने अथवा अपने माता-पिता के नाम का मिलान अवश्य करें, ताकि रिकॉर्ड का सत्यापन सही ढंग से किया जा सके.
* राज्यभर में 9.86 करोड़ मतदाताओं का होगा सत्यापन
जानकारी दी गई कि केंद्रीय निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित इस विशेष अभियान के तहत महाराष्ट्र के लगभग 9 करोड़ 86 लाख 44 हजार 413 मतदाताओं के रिकॉर्ड का प्रत्यक्ष सत्यापन किया जाएगा. इसके लिए राज्यभर में 1 लाख 253 बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) नियुक्त किए गए हैं, जो घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी की जांच करेंगे. यह अभियान विशेष रूप से डुप्लीकेट नाम हटाने, स्थानांतरित मतदाताओं की जानकारी अपडेट करने तथा पुराने रिकॉर्ड से मिलान करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है. निर्वाचन विभाग के अनुसार यह राज्य के इतिहास का सबसे व्यापक मतदाता सत्यापन अभियान माना जा रहा है.
* बीएलओ के आने पर घर में कोई न मिले तो भी मौका मिलेगा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम ने कहा कि 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक बीएलओ कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया जाएगा. यदि किसी कारणवश बीएलओ के दौरे के समय कोई व्यक्ति घर पर उपस्थित नहीं रहता है, तब भी उसे बाद में अपना नाम दर्ज कराने या जानकारी अपडेट कराने का अवसर मिलेगा. उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और सभी को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर मिलेगा.
* मुंबई सहित शहरी क्षेत्रों के लिए ऑनलाइन सेल्फ-मैपिंग सुविधा
मुंबई तथा अन्य बड़े शहरों में पुनर्विकास परियोजनाओं के कारण बड़ी संख्या में नागरिक अस्थायी रूप से अन्य क्षेत्रों में रह रहे हैं. इसे ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग ने ऑनलाइन सेल्फ-मैपिंग की सुविधा उपलब्ध कराई है, जिसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी जानकारी डिजिटल रूप से अपडेट कर सकेंगे. निर्वाचन विभाग ने ऐसे नागरिकों से स्थानीय बीएलओ से संपर्क कर आवश्यक फॉर्म भरने की अपील की है.
निर्वाचन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे सत्यापन प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करें तथा अपने दस्तावेज तैयार रखें, ताकि मतदाता सूची अधिक सटीक और पारदर्शी बनाई जा सके.
* महाविकास आघाड़ी ने उठाए सवाल
इस विशेष पुनरीक्षण अभियान को लेकर महाविकास आघाड़ी (एमवीए) ने गंभीर आपत्तियां दर्ज की थीं. विपक्षी दलों ने आशंका व्यक्त की थी कि इस प्रक्रिया के माध्यम से मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर फेरबदल हो सकता है. इसके बाद निर्वाचन विभाग ने पत्रकार परिषद आयोजित कर पूरी प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक की.
* मतदाता सूची पुनरीक्षण का पूरा कार्यक्रम
20 से 29 जून 2026 – गणना प्रपत्रों की छपाई तथा बीएलओ कर्मचारियों का प्रशिक्षण.
30 जून से 29 जुलाई 2026 – घर-घर जाकर प्रपत्र वितरण एवं संग्रहण.
5 अगस्त 2026 – प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन.
5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 – दावे एवं आपत्तियां दर्ज करने की अवधि.
3 अक्तूबर 2026 तक – दावे और आपत्तियों का निपटारा.
7 अक्तूबर 2026 – अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी.




