10वीं-12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए फीस बढ़ी

रिपीटर्स पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ

अमरावती/दि.28– महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जुलाई-अगस्त 2026 में होने वाली 10वीं और 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षाओं के लिए परीक्षा शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया है. इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन विद्यार्थियों पर पड़ेगा जो रिपीटर हैं या अपने अंकों में सुधार के लिए दोबारा परीक्षा दे रहे हैं. अमरावती सहित राज्यभर के गरीब और ग्रामीण विद्यार्थियों के सामने अब अतिरिक्त आर्थिक बोझ खड़ा हो गया है. ऑनलाइन आवेदन भरते समय छात्रों और अभिभावकों को पहले से अधिक शुल्क जमा करना पड़ेगा.

* 10वीं की परीक्षा फीस में क्या बढ़ा?
रेगुलर परीक्षा शुल्क में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि, लेट फीस और ओवरड्यू शुल्क में बढ़ोतरी, प्रैक्टिकल और मौखिक परीक्षा शुल्क में इजाफा, रीवैल्यूएशन और उत्तरपुस्तिका फोटोकॉपी फीस बढ़ी, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और डुप्लीकेट मार्कशीट शुल्क भी महंगे.

* 12वीं के विद्यार्थियों पर भी असर
– आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम की फीस में करीब 20 प्रतिशत वृद्धि.
– व्यावसायिक और एमसीवीसी कोर्स की फीस में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी.
– डिजिटल और प्रिंटेड मार्कशीट-सर्टिफिकेट शुल्क भी बढ़ाया गया

* तीन साल में 30 प्रतिशत तक बढ़ी फीस
बोर्ड ने कोरोना काल के बाद 2022 से अब तक कई चरणों में फीस बढ़ाई है. पिछले तीन वर्षों में कुल बढ़ोतरी लगभग 30 प्रतिशत तक पहुंचने की बात सामने आई है.

* बोर्ड ने क्या वजह बताई?
बोर्ड प्रशासन के अनुसार परीक्षा संचालन का खर्च लगातार बढ़ रहा है. इनमें प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिका छपाई खर्च, परीक्षा केंद्रों तक सामग्री पहुंचाने का परिवहन खर्च, केंद्र संचालक, पर्यवेक्षक और शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि, प्रशासनिक और तकनीकी खर्च शामिल है.

* निर्णय नियमों की जांच के बाद लिया गया
माध्यमिक शिक्षाधिकारी प्रिया देशमुख ने कहा कि यह निर्णय शासन की मंजूरी और सभी नियमों की जांच के बाद लिया गया है. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि तय शुल्क के अलावा विद्यार्थियों से कोई अतिरिक्त राशि नहीं ली जानी चाहिए.

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