मनोरंजन के लिए संगीत से बड़ा कोई माध्यम नहीं

विधायक सुलभा खोडके शिवस्वर कराओके ग्रुप के वार्षिक उत्सव में

अमरावती /दि.4- संगीत एक साधना है और कला की उपासना है. जीवन में एक विरंगुला लाने के लिए संगीत से बड़ा कोई माध्यम नहीं है. इसलिए आज संगीत के इतने चाहने वाले हैं कि हर किसी ने कला की जोपासना कर अपने भीतर के कलाकार को जिंदा रखा है. शहर के हौशी गायक कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने के लिए शिवस्वर कराओके ग्रुप द्वारा संगीत का बड़ा द्वार खोला गया है, जिससे अमरावती का संगीत विश्व और भी महक उठा है, ऐसा प्रतिपादन विधायक सुलभाताई संजय खोडके ने किया. कठोरा नाका, विलास कॉलोनी स्थित संगीत उपासक राजेंद्र राऊत के शिवस्वर कराओके ग्रुप के दो दिवसीय वार्षिक उत्सव में विधायक सुलभाताई और विधायक संजय खोडके ने सदिच्छा भेंट दी.
इस दौरान विधायकों ने शिवस्वर कराओके ग्रुप के स्टूडियो, साउंड व्यवस्था और कलाकारों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की. इस अवसर पर ग्रुप के संचालक राजेंद्र राऊत ने आमदार महोदय को बताया कि आज के आधुनिक और भागदौड़ भरे युग में हर व्यक्ति के लिए अपने लिए समय निकालना कठिन है. पारिवारिक जिम्मेदारी, नौकरी, व्यवसाय, सेवानिवृत्ति के बाद का जीवन, वृद्धावस्था – इन सब परिस्थितियों के कारण उनके जीवन में तनाव और निराशा पैदा होती है जिसका असर शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है. इसलिए उनके जीवन में संगीत जोड़कर उत्साह और आनंद पैदा करने का यह एक प्रयास है, ऐसा राजेंद्र राऊत ने कहा.
सुलभाताई खोडके और संजय खोडके ने स्टूडियो की विभिन्न संरचनाओं, कलाकृतियों और फोटो गैलरी का निरीक्षण किया और सभी कला उपासकों को आगे की यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं. आ. सुलभाताई खोडके ने बताया कि शोध प्रतिष्ठान अमरावती के माध्यम से सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किया जाता है, जिसमें ‘स्वर शोध खुली सिने गीत स्पर्धा’ मुख्य आकर्षण रहती है. इसलिए आगामी महोत्सव में इंस्ट्रुमेंटल प्रोग्राम के साथ-साथ हौशी कलाकारों के लिए कराओके का विशेष आयोजन भी किया जाएगा. इस अवसर पर सविता राजेंद्र राऊत और स्नेहल ऋतुराज राऊत ने विधायक महोदय का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया. इस समय ग्रुप के कलाकारों ने पुराने जमाने के सदाबहार गीतों का अप्रतिम नजराना अपने नए अंदाज में पेश किया. एक से एक सरस गीतों की प्रस्तुति होने से वार्षिक उत्सव में खूब रंगत आई. कार्यक्रम में संगीत प्रेमी और हौशी गायक कलाकार बड़ी संख्या में उपस्थित थे.

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