डीजल बचाने वाले एसटी चालकों को मिलेगा विशेष भत्ता
माइलेज बढ़ाने पर जोर

अमरावती /दि.6- बढ़ती ईंधन लागत को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल ने डीजल बचत को प्रोत्साहन देने के लिए नई योजना शुरू की है. इस योजना के तहत निर्धारित मानकों के अनुसार डीजल की बचत करने और बेहतर माइलेज देने वाले चालकों को प्रोत्साहन भत्ता तथा विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे.
एसटी प्रशासन ने राज्यभर के सभी बस डिपो में ईंधन बचत अभियान लागू करने का निर्णय लिया है. इसके तहत प्रत्येक डिपो को प्रतिदिन कम से कम 5 लीटर डीजल बचाने का लक्ष्य दिया गया है. योजना को सोमवार से प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा. अमरावती विभाग में वर्तमान में 390 बसें संचालित हैं, जिनके लिए हर महीने लगभग 8.12 लाख लीटर डीजल की आवश्यकता पड़ती है. जिले के आठ डिपो से प्रतिदिन करीब 1,850 फेरे संचालित होते हैं और बसें लगभग 1.35 लाख किलोमीटर का सफर तय करती हैं.
योजना के तहत जिन चालकों की बसें निर्धारित केपीएल (किलोमीटर प्रति लीटर) मानक से कम माइलेज देती हैं, उन्हें परामर्श देने के साथ दोबारा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. प्रशिक्षण में वाहन की गति नियंत्रण, सही समय पर गियर बदलना तथा ईंधन दक्ष ड्राइविंग तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. एसटी अधिकारियों का मानना है कि इससे एक ओर ईंधन खर्च में कमी आएगी, वहीं दूसरी ओर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चालकों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा.
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और खाड़ी क्षेत्र में तनाव के कारण डीजल की कीमतों में भी वृद्धि हुई है. बताया गया है कि पिछले पंद्रह दिनों में डीजल के दाम में लगभग 6 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे परिवहन संचालन की लागत बढ़ी है. अमरावती के संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप रेलवार ने बताया कि फ्यूल सेविंग योजना के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चालकों को प्रतिदिन प्रोत्साहन भत्ता और विशेष सम्मान प्रदान किया जाएगा. इससे ईंधन बचत को बढ़ावा मिलेगा और एसटी महामंडल के खर्च में कमी आएगी.





