पांच माह में साइबर ठगों ने उड़ाए 2.22 करोड़ रुपये

शेयर बाजार निवेश के नाम पर सबसे ज्यादा ठगी

अमरावती /दि.6 – डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच अमरावती शहर में ऑनलाइन ठगी के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है. जनवरी से मई 2026 के दौरान साइबर अपराधियों ने शहर के नागरिकों से 2 करोड़ 22 लाख 86 हजार 338 रुपये की ठगी की है. इस अवधि में शहर साइबर पुलिस थाने में कुल 17 एफआईआर दर्ज की गई हैं.
साइबर अपराधों के विश्लेषण में सामने आया है कि ठगों ने सबसे अधिक लोगों को शेयर बाजार निवेश के नाम पर निशाना बनाया. दर्ज 17 मामलों में से 7 मामले फर्जी शेयर मार्केट निवेश योजनाओं से जुड़े हैं. अधिक मुनाफे और कम समय में ज्यादा रिटर्न का लालच देकर लोगों से लाखों रुपये नकली ट्रेडिंग ऐप्स और फर्जी निवेश सलाहकारों के खातों में जमा कराए गए. इसके अलावा अन्य मामलों में भी साइबर अपराधियों ने अलग-अलग तरीके अपनाए. इनमें वर्क फ्रॉम होम टास्क, यूट्यूब चैनल लाइक करने के बदले कमाई का झांसा, इंस्टेंट लोन ऐप, ऑनलाइन ई-ऑक्शन, मोबाइल टावर लगाने का प्रलोभन, डेबिट कार्ड फ्रॉड तथा नामी कंपनियों की फर्जी डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने जैसे तरीके शामिल हैं.
हालांकि साइबर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से कुछ राहत भी मिली है. पुलिस ने विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर की गई 45 लाख 40 हजार 307 रुपये की राशि को होल्ड कराने में सफलता हासिल की, जिससे यह रकम ठगों तक पहुंचने से बच गई. इसके अलावा पीड़ितों को 6 लाख 30 हजार रुपये की राशि वापस दिलाई जा चुकी है. इस संबंध में अनिकेत कसार ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान निवेश योजना, लिंक, कॉल या ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच करें. उन्होंने कहा कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि बचाई जा सके.

* मई 2026 तक की स्थिति
– कुल एफआईआर: 17
– कुल ठगी गई राशि: 2,22,86,338
– होल्ड कराई गई राशि: 45,40,307
– रिकवर की गई राशि: 6.30 लाख

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