सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए हिंदुओं का संगठित रहना आवश्यक
पं. शरदकृष्णा भारद्वाज का कथन

धामणगांव रेलवे /दि.10– शहर के श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत ज्ञानयज्ञ सप्ताह का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा, मंगल आरती एवं भागवत माहात्म्य के भावपूर्ण निरूपण के साथ हुआ. पहले ही दिन श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति से मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया.
कथा प्रवचक पं. शरदकृष्णा भारद्वाज ने अपने प्रवचन में कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए सभी हिंदुओं का संगठित रहना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला ज्ञान का अमृत स्रोत है. कथा श्रवण से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, व्यक्ति को सद्कर्मों की प्रेरणा मिलती है और आदर्श जीवन जीने का मार्ग प्राप्त होता है.
कार्यक्रम के तहत श्री हनुमान मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई. यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कथा स्थल श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर पहुंची. वैदिक मंत्रोच्चार और मंगल आरती के साथ कथा का शुभारंभ किया गया. प्रवचन के दौरान पं. भारद्वाज ने भागवत माहात्म्य, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने वर्तमान समय की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए जल, जमीन और जंगल के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण मानव अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक है और समाज को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक रहना चाहिए. बाजार ओली स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में इन दिनों आध्यात्मिक और भक्तिमय वातावरण बना हुआ है तथा श्रद्धालु बड़ी संख्या में कथा श्रवण का लाभ ले रहे हैं.





