तपोवन में मिली अधजली लाश के मामले में बडा खुलासा

काजल इंगले को ममेरे भाई ने ही उतारा था मौत के घाट

* लोहे की रॉड से वार कर की थी हत्या, फिर पेट्रोल डालकर शव जलाया था
* पुलिस ने 300 से अधिक सीसीटीवी खंगालकर सुलझाई गुत्थी
* हत्या की वजह अब तक नहीं हो पायी स्पष्ट, जांच जारी                                                                                                  अमरावती/दि.11 – स्थानीय गाडगेनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत तपोवन परिसर के पीछे के जंगल परिसर में जली हुई अवस्था में मिली काजल इंगले नामक 22 वर्षीय युवती की हत्या के सनसनीखेज मामले का अमरावती शहर अपराध शाखा ने पर्दाफाश कर दिया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतका का ममेरा भाई ही उसका हत्यारा निकला. आरोपी ने पहले लोहे की रॉड से हमला कर युवती की हत्या की और बाद में उसकी पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी. पुलिस ने आरोपी चेतन सुनील थोरात (23, निवासी तेजस विहार, राजुरा) को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपराध स्वीकार कर लिया. हालांकि इसके बावजूद यह अब तक स्पष्ट नही हुआ है कि चेतन थोरात ने अपनी फुफेरी बहन काजल इंगले को मौत के घाट क्यों उतारा था.
बता दें कि विगत 2 जून को पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली थी कि विदर्भ महारोगी सेवा मंडल की तपोवन संस्था की खाली एवं सूनसान पडी भूमि पर एक अज्ञात महिला का जला हुआ शव पड़ा है. सूचना मिलते ही गाडगेनगर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. मामले की गंभीरता को देखते हुए हत्या का अपराध दर्ज कर जांच अपराध शाखा को भी सौंपी गई. पुलिस आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए थे. घटनास्थल घने जंगल और झाड़ियों से घिरा हुआ था. आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा भी उपलब्ध नहीं था. ऐसे में मृतका की पहचान और आरोपी तक पहुंचना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था. अपराध शाखा ने चार विशेष टीमें गठित कर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लापता महिलाओं की जानकारी जुटाई. लगातार प्रयासों के बाद मृतका की पहचान काजल इंगले (22), मूल निवासी विश्रोली, तहसील चांदूर बाजार, वर्तमान निवासी तेजस विहार, राजुरा के रूप में हुई.
* हत्या से आठ दिन पहले ही छिपा दी थी लोहे की रॉड
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी चेतन थोरात ने हत्या की पूरी साजिश पहले से रच रखी थी. उसने घटना से लगभग आठ दिन पहले ही घटनास्थल के आसपास लोहे की रॉड छिपाकर रख दी थी, ताकि मौका मिलने पर उसका इस्तेमाल कर सके.
* व्हाट्सएप चैट के जरिए बुलाया था मिलने
जांच में सामने आया कि आरोपी ने व्हाट्सएप चैट के माध्यम से काजल को मिलने के लिए बुलाया था. दोनों एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते थे और रिश्तेदार होने के कारण मृतका को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ. बताया जा रहा है कि आरोपी अक्सर मृतका के साथ घूमता-फिरता भी देखा जाता था.
* पहले रॉड से हमला, फिर गला दबाकर की हत्या
पुलिस के अनुसार आरोपी ने सुनसान जंगल क्षेत्र में काजल पर पहले लोहे की रॉड से हमला किया. गंभीर चोट लगने के बाद उसने युवती का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. हत्या के बाद आरोपी ने शव को वहां से हटाकर दूसरे स्थान पर ले जाने का प्रयास किया. साथ ही आरोपी ने वडाली नाका परिसर से पेट्रोल लेकर आते हुए उस पेट्रोल को नाले में पडे काजल इंगले के शव पर छिडककर आग लगा दी. ताकि शव सहित हत्या के सबूत नष्ट किए जा सके. इसके अलावा उसने मृतका का मोबाइल फोन और अन्य सामान भी अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया गया, जिससे साक्ष्य नष्ट किए जा सकें.
* 300 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच
घटनास्थल के आसपास कैमरे नहीं होने के बावजूद पुलिस ने हार नहीं मानी. अपराध शाखा की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों के 300 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की. तकनीकी विश्लेषण, कॉल डिटेल्स और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर संदेह की सुई चेतन थोरात तक पहुंची. पुलिस हिरासत में लेकर की गई पूछताछ में आरोपी टूट गया और उसने हत्या की पूरी वारदात कबूल कर ली.
हत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं
पुलिस के अनुसार आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है, लेकिन हत्या के पीछे का वास्तविक कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है. जांच एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर हत्या की वजह और घटनाक्रम के अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही हैं. अमरावती अपराध शाखा की इस कार्रवाई को हाल के दिनों की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है, जिसमें बेहद सीमित सुरागों के बावजूद पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में सफलता हासिल की.
यह कार्रवाई शहर पुलिस आयुक्त राकेश ओला, पुलिस उपायुक्त श्याम घुगे, रमेश धुमाल व शिवाजी बचाटे के मार्गदर्शन तथा अपराध शाखा यूनिट-1 के प्रभारी पीआय दिनेश दहातोंडे व यूनिट-2 के प्रभारी पीआय अतुल वर के नेतृत्व में एपीआय मनीष वाकोडे, महेश इंगोले व दशरथ आडे, पीएसआय गजानन सोनुने तथा पुलिस कर्मी सुनील लासुरकर, फिरोज खान, सतीश देशमुख, दीपक सुंदरकर, गजानन ढेवले, मनोज ठोसर, मंगेश लोखंडे, मंगेश परिमल, आस्तिक देशमुख, संभाजी केंद्रे, जहीर शेख, सचिन बहाले, मिर्झा नईम बेग, नाझीम उद्दीन सैयद, अतुल संभे, नापोका, विकास गुडधे, पोका विशाल वाकपांजर, सागर ठाकरे, रंजीत गावंडे, राजीक रायलीवाले, सूरज चव्हाण, निखिल गेडाम, योगेश पवार, चेतन गुल्हाने, चालक चेतन शर्मा, राहुल दुधे, संदीप खंडारे, शांतनु बारोटकर ने की है.

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