द्वारका नगरी में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ सप्ताह प्रारंभ
श्री संत गजानन महाराज संस्थान फुलआमला व चवणे परिवार का आयोजन

नांदगांव खंडेश्वर/दि.12 – तहसील अंतर्गत आनेवाले फुलआमला स्थित श्री संत गजानन महाराज संस्थान व महादेवराव चवणे परिवार के संयुक्त तत्वावधान में गुजरात के प्रसिद्ध तीर्थक्षेत्र द्वारका नगरी में ‘वांझा ज्ञाती धर्मशाला’ यहां श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ सप्ताह का आयोजन 9 से 15 जून के दौरान किया गया था. ‘अधिक मास’ के निमित्त हिंदू धर्म में श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करना अत्यंत विशेष और पवित्र धार्मिक महत्व माना जाता है. इस मंगलमय पर्व के उपलक्ष्य में चवणे परिवार द्वारा कथा का आयोजन सीधे भगवान श्रीकृष्ण की द्वारका नगरी में किया गया.
* ग्रंथ दिंडी और व्यासपीठ पूजन
श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ सप्ताह के पहले दिन 9 जून को शाम 5 बजे विश्व प्रसिद्ध द्वाराधीश मंदिर से भव्य ग्रंथ दिंडी निकाली गई. टाल-मृदंग के निनाद में निकाली गई दिंडी से संपूर्ण परिसर भक्तिमय हुआ. उसके पश्चात संस्थान के अध्यक्ष महादेवराव चवणे, अमोल चवणे तथा रोहिणी चवणे के हस्ते पवित्र व्यासपीठ श्रीमद् भागवत ग्रंथ का पूजन किया गया. पूजन विधि के पश्चात सुविख्यात कथावाचक हभप पांडूरंग महाराज कट्यारमल ने अपनी ओजस्वी वाणी में संगीतमय भागवत कथा प्रारंभ की. उनकी सुमधूर वाणी में कथा श्रवण कर भाविक मंत्रमुग्ध हुए. अमरावती के लोकप्रिय कलाकार संजय कडू, नानाजी गवली, सुनील भगत, बालकृष्ण अनवाने, चरणदास हेलोडे ने कथा में संगीत सेवा दी. सात दिवसीय ज्ञानयज्ञ सप्ताह में कथा के साथ विविध धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है. इस सुवर्ण अवसर का लाभ लेने के लिए बडी संख्या में भाविकों की भीड द्वारका नगरी में उमड रही है.