ग्रामपंचायत आरक्षण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता का आरोप
राज्यपाल ,मुख्यमंत्री व चुनाव आयोग से की शिकायत

नांदगांव पेठ/दि.17– राज्य में होने वाले आगामी ग्रामपंचायत चुनाव के लिए प्रभाग रचना व आरक्षण प्रक्रिया में अनियमितता का गंभीर आरोप राष्ट्रीय प्रधान मुखिया सरपंच संघ व्दारा लगाया गया है. इस प्रक्रिया की वजह से अनुसूचित जाती (एससी), अनुसूचित जमाती (एसटी),अन्य पिछडा वर्ग (ओबीसी) तथा महिलाओं के घटनात्मक आरक्षण पर प्रतिकूल परिणाम होने का दावा संगठना व्दारा किया गया है.
इस संदर्भ में राष्ट्रीय प्रधान मुखिया सरपंच संघ नई दिल्ली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मारोतराव उके और महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष प्रमोद सांगोले ने प्रदेश के राज्यपाल ,मुख्यमंत्री ,प्रदेश चुनाव आयुक्त ,मुख्य सचिव ,ग्रामविकास विभाग के प्रधान सचिव को ई-मेल व्दारा निवेदन भिजवाकर शिकायत की है. निवेदन में कहा गया कि,ग्रामपंचायत चुनाव के लिए प्रभाग रचना और आरक्षण निश्चित करते समय भारतीय संविधान की कलम 243-डी के पायाभूत तत्वों का तथा सामाजिक न्याय की संकल्पना का योग्य विचार नहीं किया गया है. जिसके परिणाम स्वरूप वंचित घटकों का राजनितिक प्रतिनिधित्व कम होने की संभावना निर्माण हुई है.
संगठना के अनुसार अनुसूचित जाती ,अनुसूचित जमाती , ओबीसी और महिलाओं के लिए आरक्षण निश्चित करते समय प्रवर्ग की प्रत्यक्ष जनसंख्या का आधार लेना आवश्यक रहने पर भी कुछ जगहों पर केवल रोटेशन प्रणाली का अवलंबन किया गया है. यह संविधान के उद्देश के लिए बाधक है ऐसा निवेदन में कहा गया. निवेदन में सबसे गंभीर मुद्दा यह है कि, अनेक ग्रामपंचायतों में जिस प्रभाग में अनुसूचित जाती अथवा अनुसूचित जमाती की जनसंख्या शुन्य है ऐसे प्रभागों में आरक्षण लागू किया गया.
संविधान की कलम 243-डी के अनुसार आरक्षण संबंधित प्रवर्ग की जनसंख्या के प्रमाण में रहना अपेक्षित रहने के बाद भी प्रत्यक्ष जनसंख्या न रहनेवाले प्रभागों में आरक्षण लागू कर संविधान के प्रावधान का उल्लंघन किया गया है. संगठना व्दारा अपने निवेदन में स्टेट ऑफ उत्तरप्रदेश वर्सेस पवनकुमार तिवारी (2005) का सर्वेच्च न्यायालय का महत्वपूर्ण निर्णय का संदर्भ दिया गया . इस निर्णय में आरक्षण की वजह से मिलने वाला प्रतिनिधित्व किसी भी परिस्थिति में कम नहीं होगा ऐसा न्यायालय ने स्पष्ट उल्लेख किया था. ग्रामपंचायत आरक्षण प्रक्रिया की त्रुटीओं के खिलाफ राष्ट्रीय प्रधान मुखिया सरपंच संघ ने शासन व राज्य चुनाव आयोग से निवेदन व्दारा विविध मांग की है.