फत्तेपुर में सोयाबीन बीजों की अंकुरण क्षमता जांच

किसानों को दी वैज्ञानिक जानकारी

अमरावती/दि.24- श्री शिवाजी कृषि महाविद्यालय की अंतिम वर्ष की छात्राओं ने ग्रामीण कृषि कार्यानुभव कार्यक्रम के तहत फत्तेपुर गांव में किसानों के सोयाबीन बीजों की अंकुरण क्षमता जांचने के लिए प्रदर्शनात्मक परीक्षण आयोजित किया. इस पहल के माध्यम से किसानों को बुवाई से पहले बीजों की गुणवत्ता के संबंध में वैज्ञानिक जानकारी प्रदान की गई.
परीक्षण के दौरान 400 बीजों को गीले बोरे पर रखकर 8 से 10 दिनों तक नियमित रूप से पानी दिया गया. इसके बाद अंकुरित बीजों की संख्या के आधार पर अंकुरण प्रतिशत निर्धारित किया गया. जांच में जेएस-335 किस्म के सोयाबीन बीजों की अंकुरण क्षमता 57 प्रतिशत पाई गई. परीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर किसानों को बीज उपचार, बीज दर तथा कम अंकुरण क्षमता की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में मार्गदर्शन दिया गया. इस पहल से किसानों को बुवाई से पहले बीजों की गुणवत्ता का आकलन कर उचित निर्णय लेने में सहायता मिलेगी. यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. समीर लांडे, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राजेंद्र पाटील तथा विषय विशेषज्ञ डॉ. वसंत गेडाम के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया. इस अवसर पर छात्राएं प्राची फुल्लुके, मनश्री कपले, वैष्णवी कदम, ऋतुजा इंगले, गायत्री ग्रेसपुंजे और संयुक्ता जावरे ने विभिन्न किसानों के सोयाबीन बीजों की जांच कर उनका प्रायोगिक प्रदर्शन भी प्रस्तुत किया.

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