बच्चू कडू बोले – उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे साथ आएं

शिवसेना के एकीकरण की वकालत

मुंबई /दि.24– विधायक बच्चू कडू ने महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बयान देते हुए कहा है कि मराठी अस्मिता और महाराष्ट्र के हित के लिए उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे को एक साथ आना चाहिए. उन्होंने कहा कि दोनों शिवसेनाओं का पुनः एकीकरण होना चाहिए और मराठी लोगों की आवाज के रूप में शिवसेना को फिर से मजबूत बनाया जाना चाहिए.
कडू ने कहा कि दोनों नेताओं को आपसी मतभेद भुलाकर महाराष्ट्र में अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि शिवसेना का एक होना मराठी समाज के लिए सकारात्मक संदेश होगा.

* राजनीति में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं
शिवसेना के संभावित एकीकरण को लेकर पूछे गए सवाल पर बच्चू कडू ने कहा कि राजनीति में कोई स्थायी मित्र या शत्रु नहीं होता. परिस्थितियों के अनुसार समीकरण बदलते रहते हैं. उन्होंने कहा कि यदि शिवसेना का पुनर्मिलन होता है तो यह महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि वे आई भवानी से प्रार्थना करेंगे कि शिवसेना फिर से एक हो जाए.

* कर्जमाफी पर उठाए सवाल
राज्य सरकार की कर्जमाफी योजना पर प्रतिक्रिया देते हुए कडू ने कहा कि सरसकट कर्जमाफी शब्द की स्पष्ट परिभाषा होनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कर्जमाफी का लाभ विधायकों, सांसदों, उद्योगपतियों और बड़े बिल्डरों को भी दिया जाएगा? उनके अनुसार कर्जमाफी का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंद किसानों तक पहुंचना चाहिए. इसके लिए किसानों का वर्गीकरण किया जाना चाहिए, ताकि व्यापारी, बिल्डर, बड़े जमीन मालिक या अन्य सक्षम वर्गों को अलग रखा जा सके और असली किसानों को राहत मिल सके.

* संजय राऊत पर तीखी टिप्पणी
संजय राऊत पर निशाना साधते हुए बच्चू कडू ने कहा कि यदि राऊत कम बोलते और अधिक काम करते तो उनकी राजनीतिक स्थिति अलग होती. उन्होंने कहा कि राजनीति में केवल बयानबाजी से काम नहीं चलता, बल्कि कर्तृत्व और परिणाम महत्वपूर्ण होते हैं.

* किसानों की समस्याओं पर चिंता
कडू ने राज्य में मानसून की देरी को लेकर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि समय पर बारिश नहीं होने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. विशेष रूप से सोयाबीन की बुवाई प्रभावित हुई है और अब किसानों के सामने यह सवाल है कि वे कौन-सी फसल लें. उन्होंने सरकार से किसानों को सहायता देने की मांग करते हुए कहा कि सत्ता किसी की भी हो, किसान को कभी नहीं भूलना चाहिए. उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर उन्होंने विधानसभा में भी आवाज उठाई है और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए. बच्चू कडू के इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के संभावित एकीकरण और किसानों के मुद्दों पर नई चर्चा छेड़ दी है.

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