अमरावती में 100 बेड वाले मातृ-शिशु केंद्र हेतू दिए जाएं 33 करोड़ रुपये

विधायक सुलभा खोडके ने विधानसभा में की मांग

* माताओं, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य का मुद्दा उठाया
मुंबई/दि.24- अमरावती जिले सहित ग्रामीण, आदिवासी और सीमावर्ती क्षेत्रों की माताओं, गर्भवती महिलाओं तथा नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रस्तावित 100 बिस्तरों वाले मातृ-शिशु देखभाल केंद्र (एमसीएच विंग) के निर्माण के लिए 33 करोड़ रुपये का निधि तत्काल जारी करने की मांग विधायक सुलभा खोडके ने विधानसभा में की है.
पावस सत्र के दौरान औचित्य के मुद्दे के माध्यम से सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए विधायक सुलभा खोडके ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अमरावती में 100 बेड वाले मातृ-शिशु संगोपन केंद्र के निर्माण को 12 अगस्त 2024 को 33 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई थी. हालांकि मंजूरी मिलने के लंबे समय बाद भी परियोजना के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिसके कारण यह महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना ठप पड़ी हुई है. उन्होंने बताया कि अमरावती विदर्भ के पांच जिलों का प्रमुख केंद्र होने के कारण यहां बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में माताओं, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से युक्त विशेष केंद्र की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है.
विधायक सुलभा खोडके ने कहा कि परियोजना के विलंब से अमरावती और आसपास के जिलों की हजारों महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है. उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस संवेदनशील और जनहित से जुड़े विषय को प्राथमिकता देते हुए तत्काल 33 करोड़ रुपये का निधि उपलब्ध कराया जाए, ताकि केंद्र का निर्माण कार्य बिना किसी देरी के शुरू हो सके. विधायक सुलभा खोडके ने सदन में कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करना समय की मांग है और इस परियोजना के पूरा होने से अमरावती सहित पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा बल मिलेगा. उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग से इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की.

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