अकोला सांसद अनुप धोत्रे के चुनाव को हाईकोर्ट में चुनौती

चुनाव में तय सीमा से अधिक खर्च और अनियमितताओं का आरोप,

* ईवीएम व वीवीपैट रिकॉर्ड पेश करने की मांग
नागपुर/ दि.25 – अकोला लोकसभा क्षेत्र से निर्वाचित भाजपा सांसद अनुप धोत्रे के चुनाव को मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में चुनौती दी गई है. अकोला जिले के बार्शीटाकली तहसील स्थित उमरदरी गांव निवासी गोपाल चव्हाण ने याचिका दाखिल करते हुए चुनाव में भ्रष्ट आचरण और निर्धारित चुनावी खर्च सीमा के उल्लंघन का आरोप लगाया है.
याचिकाकर्ता ने अदालत से लोकसभा चुनाव में उपयोग की गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) मशीनों के रिकॉर्ड प्रस्तुत करने की मांग भी की है. याचिका के अनुसार निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी के चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा 95 लाख रुपये निर्धारित की थी. अनुप धोत्रे द्वारा रिटर्निंग अधिकारी को सौंपे गए खर्च विवरण में व्यक्तिगत खर्च 81.17 लाख रुपये तथा भाजपा की ओर से 6.55 लाख रुपये खर्च दर्शाया गया है. इस प्रकार कुल घोषित खर्च 87.72 लाख रुपये बताया गया है. हालांकि याचिकाकर्ता का आरोप है कि भाजपा ने सांसद अनुप धोत्रे के समर्थन में लगभग 1.24 करोड़ रुपये के विज्ञापन प्रकाशित किए, जिन्हें उम्मीदवार के चुनावी खर्च में शामिल किया जाना चाहिए था. ऐसा नहीं कर वास्तविक खर्च छिपाया गया और कानूनी सीमा का उल्लंघन किया गया.
याचिकाकर्ता गोपाल चव्हाण ने यह भी आरोप लगाया है कि चुनाव जीतने के लिए भ्रष्ट तरीकों का सहारा लिया गया और इसी आधार पर चुनाव को निरस्त घोषित करने की मांग की गई है. सुनवाई के दौरान सांसद अनुप धोत्रे की ओर से जवाब दाखिल किया गया. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने उस जवाब पर अपना पक्ष रखने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संदीप चोपड़े, जबकि अकोला जिला कलेक्टर की ओर से अधिवक्ता निरजा चौबे ने पक्ष रखा.
अब अदालत में अगली सुनवाई याचिकाकर्ता द्वारा जवाबी तर्क प्रस्तुत किए जाने के बाद होने की संभावना है. इस मामले पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजरें टिकी हुई हैं.

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