आरएसएस कार्यक्रम में बयान पर घिरे नागपुर पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल

कांग्रेस ने साधा निशाना

नागपुर/दि.25– नागपुर के नवनियुक्त पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक कार्यक्रम में दिए गए अपने बयान को लेकर राजनीतिक विवादों में आ गए हैं. कांग्रेस ने उन पर संविधान और प्रशासनिक निष्पक्षता की भावना के विपरीत आचरण करने का आरोप लगाया है, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष ने उनकी नियुक्ति और कार्यशैली का समर्थन किया है.
हाल ही में नागपुर पुलिस आयुक्त का पदभार संभालने वाले विश्वास नांगरे पाटिल ने एक कार्यक्रम में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी हिंदी बहुत अच्छी नहीं है, लेकिन संघ अनुशासन और संस्कारों से जुड़ा संगठन है. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि 1925 में राष्ट्रभक्त डॉ. केशव बलीराम हेडगेवार ने दूरदर्शी सोच के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी. उनके इस वक्तव्य के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई.

* कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यमों से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी सरकारी अधिकारी को सेवा में रहते हुए किसी विशेष संगठन या विचारधारा की सार्वजनिक प्रशंसा नहीं करनी चाहिए. पार्टी का कहना है कि संविधान की शपथ लेने वाले अधिकारी से राजनीतिक और वैचारिक तटस्थता की अपेक्षा की जाती है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ऐसे बयान प्रशासनिक निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं.

* बावनकुले ने किया समर्थन
वहीं महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और नागपुर के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विश्वास नांगरे पाटिल का स्वागत किया. उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में नागपुर की कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी.

* अपराधों में कमी का दावा
चंद्रशेखर बावनकुले ने नागपुर ग्रामीण पुलिस के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि जनवरी से मई 2026 के दौरान अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है. दावे के अनुसार हत्या के मामलों में 54.55% कमी, चोरी की घटनाओं में 29% कमी, मारपीट के मामलों में 25.33% कमी, महिलाओं से छेड़छाड़ के मामलों में 20% कमी आई है. उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार की नीतियों को देते हुए सुरक्षित नागपुर, सक्षम नागपुर का संकल्प दोहराया.

* राजनीतिक महत्व बढ़ा
नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय होने के कारण राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में शहर के पुलिस आयुक्त के सार्वजनिक बयानों पर विशेष ध्यान दिया जाता है. विश्वास नांगरे पाटिल के बयान को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. आने वाले दिनों में यह मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है.

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