पुणे के 27 में से 21 सब-रजिस्ट्रार कार्यालय बिना अधिकारी
हजारों काम अटके

पुणे /दि.24– राज्य के राजस्व में हजारों करोड़ रुपये का योगदान देने वाले पुणे शहर के दस्त पंजीयन विभाग की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है. शहर के 27 उपनिबंधक कार्यालयों में से 21 कार्यालयों में नियमित अधिकारी नहीं हैं, जिसके कारण नागरिकों के अनेक काम लंबित पड़े हैं. पुणे शहर में सह-जिला निबंधक (क्लास-1) का पद पिछले एक महीने से खाली है. वहीं सह-जिला निबंधक (क्लास-2) पद पर कार्यरत अधिकारी को भी सब-रजिस्ट्रार पद पर भेज दिया गया है. इससे विभागीय कामकाज पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है.
पिछले वित्तीय वर्ष में दस्त पंजीयन के माध्यम से राज्य सरकार को कुल 61,282 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था. इसमें अकेले पुणे शहर का योगदान 10,851 करोड़ रुपये रहा, जो कुल राजस्व का लगभग 18 प्रतिशत है. वहीं पुणे जिले से 2,503 करोड़ रुपये की आय सरकारी खजाने में जमा हुई. पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में दस्त पंजीयन कार्यों के लिए कुल 27 उप-पंजीयक कार्यालय संचालित किए जाते हैं. इन कार्यालयों में नियमित अधिकारियों की नियुक्ति अपेक्षित है, लेकिन लंबे समय से बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हैं.
* तबादलों से बढ़ी समस्या
दो दिन पहले राज्य सरकार ने पांच उप-पंजीयकों का तबादला किया था. इनमें से केवल दो नए अधिकारी ही कार्यभार संभाल सके, जबकि तीन पद और रिक्त हो गए. अब कुल रिक्त पदों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है.
* लालफीताशाही में फंसे मामले
मुंढवा, ताथवड़े और शिवाजीनगर क्षेत्रों में सरकारी जमीनों से जुड़े अनियमित मामलों के सामने आने के बाद कई संवेदनशील फाइलें लंबित हैं. वरिष्ठ अधिकारियों की कमी के कारण कनिष्ठ कर्मचारी निर्णय लेने से बच रहे हैं, जिससे सामान्य नागरिकों के कार्य भी अटक रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि पुणे जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में भूमि एवं संपत्ति के बड़े पैमाने पर होने वाले लेन-देन को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की नियमित नियुक्ति आवश्यक है. इसके बावजूद राज्य सरकार की ओर से इस दिशा में अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है





