आईटीआर की वजह से क्या 15 हजार महिलाओं को ‘लाड़की बहिन’ योजना से बाहर किया जाएगा?

महिलाओं में नाराजगी, महिला व बाल कल्याण विभाग से गुहार

अमरावती/दि.25- मुख्यमंत्री लाड़की बहिन योजना के तहत लाभ प्राप्त कर रही हजारों महिलाओं को हाल ही में अयोग्य घोषित किए जाने के बाद नाराजगी बढ़ गई है. अमरावती जिले की लगभग 15,154 महिलाओं को आयकर रिटर्न दाखिल करने के आधार पर योजना से बाहर किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं महिला एवं बाल विकास विभाग पहुंचीं और प्रशासन से जवाब मांगा.
महिलाओं का कहना है कि उन्होंने केवल बैंक कर्ज या अन्य वित्तीय आवश्यकताओं के लिए आईटीआर दाखिल किया था. उनकी आय कर योग्य सीमा से कम है, फिर भी उन्हें योजना के लिए अपात्र घोषित कर दिया गया. इसे लेकर महिलाओं में भारी असंतोष है. प्रभावित महिलाओं का आरोप है कि योजना की पात्रता जांच के दौरान तकनीकी त्रुटियों के कारण उन्हें अपात्र बताया गया है. लाभ बंद होने के बाद कई महिलाएं महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिला. अधिकारियों ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह सरकार के स्तर पर लिया गया निर्णय है और विभाग इसके संबंध में कोई फैसला नहीं कर सकता.

* केवाईसी और सत्यापन के लिए दौड़-धूप
योजना का लाभ फिर से शुरू कराने के लिए कई महिलाएं सेतु केंद्रों और कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर ई-केवाईसी तथा अन्य दस्तावेजों का सत्यापन करा रही हैं. जानकारी के अनुसार, सत्यापन प्रक्रिया के दौरान करीब 33 हजार महिलाओं की किस्तें रोक दी गई हैं. शुरुआत में चार पहिया वाहन का स्वामित्व, सरकारी नौकरी या ई-केवाईसी अधूरा होने जैसे कारणों से महिलाओं को अपात्र ठहराया गया था. अब कई महिलाओं के नाम सीधे लाभार्थियों की सूची से भी हटा दिए गए हैं.

* महिलाओं की मांग
प्रभावित महिलाओं ने सरकार से मांग की है कि जिन महिलाओं की आय कर योग्य सीमा से कम है और जिन्होंने केवल औपचारिक कारणों से आईटीआर दाखिल किया है, उन्हें योजना से बाहर न किया जाए. साथ ही पात्रता की दोबारा जांच कर लाभ बहाल किया जाए. महिलाओं का कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगी.

 

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