शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों पर विधान परिषद में गरमाई बहस
एसीबी जांच की होगी समीक्षा : मंत्री पंकज भोयर

* सत्यजीत तांबे ने लगाया शिक्षा विभाग में सबसे अधिक भ्रष्टाचार का आरोप, सरकार ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
मुंबई/दि.25- महाराष्ट्र विधान परिषद में गुरुवार को शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार, शिक्षकों की नियुक्तियों तथा लंबित शैक्षणिक मुद्दों को लेकर जोरदार चर्चा हुई. इस दौरान विधायक सत्यजीत तांबे ने राज्य के शिक्षा विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में सबसे अधिक भ्रष्टाचार शिक्षा विभाग में हो रहा है. उन्होंने यह भी दावा किया कि लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग (एसीबी) द्वारा अनेक शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है.
विधान परिषद में चर्चा के दौरान सत्यजीत तांबे ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विभिन्न स्तरों पर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है. उन्होंने सरकार से इन मामलों में पारदर्शी जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की. चर्चा में भाग लेते हुए विधान परिषद सदस्य संजय भेंडे ने भी शिक्षा विभाग में व्याप्त अव्यवस्था, शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में उत्पन्न समस्याओं और लंबे समय से लंबित मामलों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने विशेष शिक्षकों की नियुक्ति, मान्यता प्रक्रिया तथा विभिन्न सरकारी निर्णयों के कारण उत्पन्न भ्रम की स्थिति पर चिंता व्यक्त की. भेंडे ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न वर्षों से लंबित हैं, जिनका समाधान समय पर नहीं होने से शिक्षक और विद्यार्थी दोनों प्रभावित हो रहे हैं.
चर्चा का जवाब देते हुए राज्य के राज्यमंत्री पंकज भोयर ने सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीर बताते हुए कहा कि शिक्षा विभाग से संबंधित जिन मामलों की जांच एसीबी द्वारा की जा रही है, उनकी विस्तृत समीक्षा की जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा विभाग में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी. जिन मामलों में जांच चल रही है, उनकी जानकारी लेकर आवश्यक स्तर पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
* पूरी शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्ट कहना उचित नहीं
राज्यमंत्री भोयर ने कहा कि शिक्षा विभाग में यदि कहीं त्रुटियां हैं तो उन्हें दूर करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्ट कहना उचित नहीं होगा. उन्होंने कहा कि राज्य के लाखों शिक्षक, विद्यार्थी और शैक्षणिक संस्थाएं समाज निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सकारात्मक और रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है. सरकार शिक्षकों की समस्याओं, विशेष शिक्षकों की नियुक्तियों, सेवा सुरक्षा तथा मान्यता प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है.
* लंबित मुद्दों के समाधान का भरोसा
भोयर ने सदन को आश्वस्त किया कि शिक्षा विभाग से जुड़े लंबित मामलों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा. साथ ही जिन मामलों में भ्रष्टाचार अथवा अनियमितताओं की शिकायतें हैं, उनकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार, विशेष शिक्षकों की नियुक्तियों और एसीबी जांच जैसे मुद्दों पर हुई इस गंभीर चर्चा ने शिक्षा क्षेत्र की चुनौतियों को एक बार फिर सदन के केंद्र में ला दिया है.





