घर पर तैयारी कर पहले ही प्रयास में बने आयकर अधिकारी
वर्धा के किसान पुत्र ऋषिकेश दाणी की शानदार सफलता

वर्धा/दि.29 – मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर वर्धा जिले के देवली तहसील स्थित सोनेगांव आबाजी गांव के किसान पुत्र ऋषिकेश सतीश दाणी ने बिना किसी कोचिंग के घर पर तैयारी कर बड़ी सफलता हासिल की है. उन्होंने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की परीक्षा पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर आयकर अधीक्षक के पद पर चयन प्राप्त किया है.
ऋषिकेश के पिता सतीश दाणी किसान होने के साथ-साथ लंबे समय से किसान संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता हैं. ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े ऋषिकेश ने प्रारंभिक शिक्षा गांव में पूरी की और बाद में नागपुर के वीएनआईटी से बी.टेक. की पढ़ाई की. कोरोना महामारी के दौरान घर पर रहकर उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की. खास बात यह रही कि उन्होंने किसी भी प्रकार की कोचिंग नहीं ली और पूरी तैयारी स्वयं के दम पर की. पिछले वर्ष उनका चयन कर सहायक के रूप में हुआ था. इसके बाद उन्होंने केंद्रीय परीक्षा में सफलता हासिल कर सीबीडीटी में स्थान बनाया. अब उनकी नियुक्ति नागपुर क्षेत्रीय आयकर कार्यालय में आयकर अधीक्षक के रूप में हुई है. ऋषिकेश का सपना यहीं तक सीमित नहीं है. उनका कहना है कि उनके पास अभी भी यूपीएससी की तीन कोशिशें बाकी हैं और उनका लक्ष्य सिविल सेवा में और ऊंचा मुकाम हासिल करना है. वे इसकी तैयारी लगातार जारी रखे हुए हैं.
ऋषिकेश का परिवार प्रख्यात किसान नेता शरद जोशी से जुड़ा रहा है. बचपन में माता-पिता के साथ किसान आंदोलन में शामिल हुए ऋषिकेश को शरद जोशी ने आशीर्वाद देते हुए कहा था, एक दिन तुम जरूर बड़े आदमी बनोगे. आज उनकी सफलता को परिवार उसी आशीर्वाद और अपनी मेहनत का परिणाम मान रहा है. फिलहाल नियुक्ति मिलने के बावजूद ऋषिकेश गांव में खेती के मौसम के दौरान अपने पिता के साथ खेतों में हाथ बंटा रहे हैं. उनकी सफलता ग्रामीण युवाओं के लिए यह संदेश है कि कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर बिना कोचिंग के भी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की जा सकती है.





