साढ़े चार वर्षीय बच्ची का सफल कॉक्लियर इम्प्लांट
अमरावती सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में

* सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की पांचवीं सफल सर्जरी
अमरावती/दि.30– अमरावती के विभागीय संदर्भ सेवा (सुपर स्पेशियलिटी) अस्पताल में जन्म से सुनने में असमर्थ साढ़े चार वर्षीय बच्ची का सफलतापूर्वक कॉक्लियर इम्प्लांट किया गया. सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग में यह पांचवीं सफल कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी है, जिससे बच्ची के लिए सुनने की नई दुनिया के द्वार खुल गए हैं.
बच्ची अमरावती जिले के अचलपुर तहसील स्थित रासेगांव की निवासी है. उसकी आयु साढ़े चार वर्ष होने के कारण वह किसी भी सरकारी योजना के दायरे में नहीं आ रही थी. ऐसे में इस महंगी सर्जरी का पूरा खर्च अमरावती जिला नियोजन समिति द्वारा वहन किया गया. वहीं, ऑपरेशन के बाद एक वर्ष तक आवश्यक स्पीच थेरेपी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी. इस प्रकार बच्ची को सर्जरी और पुनर्वास दोनों का लाभ पूरी तरह मुफ्त मिलेगा. परिजनों को बच्ची के दो वर्ष की उम्र में पता चला कि वह सुन नहीं पा रही है. निजी अस्पताल में इलाज का खर्च अधिक होने के कारण उसे जिला सामान्य अस्पताल के माध्यम से सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भेजा गया. यहां सभी आवश्यक जांचों और ऑडियोलॉजिस्ट लक्ष्मण मोरे द्वारा मूल्यांकन के बाद 25 जून को अत्याधुनिक तकनीक की मदद से सफल कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी की गई.
यह जटिल ऑपरेशन अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अमोल नरोटे के मार्गदर्शन में इंदिरा गांधी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नागपुर के ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. जीवन वेदी, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. क्षितिज पाटील, डॉ. रितेश शेलकर तथा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के ईएनटी सर्जन डॉ. मंगेश मेंढे, ऑडियोलॉजिस्ट लक्ष्मण मोरे, बालरोगतज्ञ डॉ. नितिन बरडिया, एनेस्थीसिया डॉ. बालकृष्ण बागवाले, डॉ. अश्विनी मडावी, न्यूरोफिजिशियन डॉ. अनीता अंभोरे, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. शशांक दुरशेट्टीवार आदि विशेषज्ञों की टीम ने सफलतापूर्वक संपन्न किया. इस सफल सर्जरी में अस्पताल के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मचारियों, फार्मासिस्ट, बायोमेडिकल इंजीनियरों तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. अस्पताल प्रशासन ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ी उपलब्धि बताया है.





