क्या केंद्रीय मंत्री बनेंगे श्रीकांत शिंदे और ओमराजे निंबालकर?
मोदी मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज

* मंत्री पद के सवाल पर श्रीकांत शिंदे का जवाब-‘किसने कहा?’
* दिल्ली रवाना होंगे एकनाथ शिंदे, एनडीए में बढ़ी शिवसेना की ताकत
मुंबई/दि.1– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों तक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. सूत्रों के हवाले से ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि आगामी एक-दो दिनों में होने वाले संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अतिरिक्त प्रतिनिधित्व मिल सकता है. इसी बीच पार्टी के सांसद श्रीकांत शिंदे और ओमराजे निंबालकर के नाम केंद्रीय मंत्री पद के प्रमुख दावेदारों के रूप में सामने आ रहे हैं.
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे आज दोपहर दिल्ली रवाना हो सकते हैं. उनके दिल्ली दौरे को संभावित मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि केंद्र सरकार अथवा शिवसेना की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
* मंत्री पद के सवाल पर श्रीकांत शिंदे का दिलचस्प जवाब
इसी बीच नांदेड़ दौरे पर पहुंचे सांसद श्रीकांत शिंदे से पत्रकारों ने सीधे सवाल किया कि क्या वे जल्द ही केंद्रीय मंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं? इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए तुरंत पलटवार किया-किसने कहा? जब पत्रकारों ने सूत्रों का हवाला दिया तो उन्होंने हंसते हुए कहा, सूत्र नहीं, आप ही सब चला रहे हैं. श्रीकांत शिंदे का यह जवाब भले ही हल्के अंदाज में था, लेकिन इससे राजनीतिक अटकलों को और बल मिल गया है. उनके बयान के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि यदि शिवसेना को मंत्रिमंडल में अतिरिक्त प्रतिनिधित्व मिलता है तो श्रीकांत शिंदे का नाम सबसे मजबूत दावेदारों में हो सकता है.
* शिवसेना को मिल सकता है अतिरिक्त प्रतिनिधित्व
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि मंत्रिमंडल विस्तार में एनडीए के सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व बढ़ाकर दिया जा सकता है. पिछले वर्ष मोदी सरकार के गठन के समय शिवसेना (शिंदे गुट) को केवल एक मंत्री पद मिला था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं. हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों में उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे खेमे में शामिल होने के बाद पार्टी की संसदीय ताकत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. वर्तमान में शिवसेना (शिंदे गुट) के पास लोकसभा में 13 सांसद बताए जा रहे हैं, जिससे पार्टी एनडीए के प्रमुख सहयोगी दलों में शामिल हो गई है.
* श्रीकांत शिंदे क्यों हैं मजबूत दावेदार?
कल्याण लोकसभा क्षेत्र से सांसद श्रीकांत शिंदे पिछले 12 वर्षों से सक्रिय संसदीय राजनीति में हैं. पार्टी संगठन के विस्तार, जनसंपर्क और रणनीतिक राजनीतिक गतिविधियों में उनकी भूमिका लगातार महत्वपूर्ण रही है. एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना की नई राजनीतिक संरचना तैयार होने के बाद श्रीकांत शिंदे की सक्रियता और बढ़ी है. राज्यभर में लगातार दौरे, संगठनात्मक बैठकों और कार्यकर्ताओं से संवाद के कारण उन्हें पार्टी का प्रमुख युवा चेहरा माना जाता है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि शिवसेना को दूसरा मंत्री पद मिलता है तो श्रीकांत शिंदे का नाम सबसे आगे रह सकता है.
* ओमराजे निंबालकर का नाम भी चर्चा में
मंत्रिपद की संभावित सूची में सांसद ओमराजे निंबालकर का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है. हाल ही में ठाकरे गुट से अलग हुए सांसदों में उनका नाम सबसे अधिक चर्चा में रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत पकड़, कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संपर्क और जनसमस्याओं को लेकर सक्रिय भूमिका के कारण वे पार्टी के उभरते हुए नेताओं में गिने जाते हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने की रणनीति के तहत उन्हें भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में अवसर मिल सकता है.
* संजय राऊत को भी दिया जवाब
नांदेड़ दौरे के दौरान श्रीकांत शिंदे ने शिवसेना (उद्धव ठाकरे) नेता संजय राऊत की टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी. राऊत द्वारा उनकी शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाए जाने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यदि किसी को संदेह है तो उनकी डिग्री की जांच कर सकता है.
* कर्जमाफी के मुद्दे पर विपक्ष पर निशाना
विपक्ष द्वारा राज्य सरकार की कर्जमाफी योजना को लेकर की जा रही आलोचना पर श्रीकांत शिंदे ने कहा कि आरोप लगाना विपक्ष का काम है. उन्होंने दावा किया कि महायुति सरकार ने किसानों के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं और आगे भी किसान हित सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगा. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारें किसानों को अपेक्षित राहत देने में विफल रहीं, जबकि वर्तमान सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय ले रही है.
* दिल्ली पर टिकीं महाराष्ट्र की निगाहें
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं और एकनाथ शिंदे के संभावित दिल्ली दौरे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में उत्सुकता चरम पर पहुंच गई है. अब सभी की नजरें दिल्ली में होने वाली राजनीतिक बैठकों और संभावित घोषणाओं पर टिकी हैं. यदि मंत्रिमंडल विस्तार में शिवसेना को अतिरिक्त स्थान मिलता है और श्रीकांत शिंदे या ओमराजे निंबालकर को मंत्री पद मिलता है, तो इसे न केवल एकनाथ शिंदे की बढ़ती राजनीतिक ताकत के रूप में देखा जाएगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में शिवसेना (शिंदे गुट) की बढ़ती भूमिका का भी बड़ा संकेत माना जाएगा.
हालांकि अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व द्वारा लिया जाना है. इसलिए फिलहाल राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं और अटकलें भले ही तेज हों, लेकिन सभी को आधिकारिक घोषणा का इंतजार है.





