चारगढ़ नाले में डूबे दो लोगों के शव मिले
तीन दिन के सर्च ऑपरेशन के बाद जिला खोज एवं बचाव दल को सफलता

अमरावती/दि.2 – चांदूरबाजार तहसील के चारगढ़ नाले में डूबे दो लोगों के शवों को तीन दिन तक चले लगातार खोज अभियान के बाद जिला खोज एवं बचाव दल ने बरामद कर लिया. दोनों शव पुलिस को सौंप दिए गए हैं. मृतकों की शिनाख्त चांदूर बाजार तहसील के पांढरी ग्राम निवासी रविंद्र रामभाऊ आवारे (55) और गोपाल वासुदेव निर्वाण (39) के रूप में हुई है.
जानकारी के अनुसार, 29 जून की रात करीब 11.50 बजे चारगढ नाले में दो लोगों के डूबने की सूचना जिला नियंत्रण कक्ष को मिली. सूचना मिलते ही जिलाधिकारी आशीष येरेकर के निर्देश पर तथा निवासी उपजिलाधिकारी और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी सुरेंद्र रामेकर के मार्गदर्शन में जिला खोज एवं बचाव दल को मौके पर रवाना किया गया.
* पहले दिन मिला रविंद्र का शव
30 जून की सुबह करीब 8.20 बजे बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचा और तत्काल खोज अभियान शुरू किया. टीम ने लाइफ जैकेट, लाइफ रिंग और हुक की सहायता से करीब 1 से 2 किलोमीटर तक नाले में तलाशी ली. नाले के किनारे जमा कचरे में रविंद्र आवारे का शव मिला, जिसे बाहर निकालकर आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया गया. इसके बाद टीम ने गोपाल निर्वाण की तलाश में घटनास्थल से लगभग 7 किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला. अंधेरा होने के कारण वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अभियान रोकना पड़ा.
* दूसरे दिन भी जारी रहा अभियान
1 जुलाई को सुबह 7 बजे से फिर खोज अभियान शुरू किया गया. बचाव दल ने चारगड़ नाले के करीब 7 किलोमीटर क्षेत्र में पेड़-पौधों और झाड़ियों के बीच बारीकी से तलाश की, लेकिन दूसरे व्यक्ति का कोई सुराग नहीं मिला. शाम होने पर अभियान फिर स्थगित कर दिया गया.
* तीसरे दिन 22 किलोमीटर दूर मिला दूसरा शव
2 जुलाई की सुबह जिला खोज एवं बचाव दल ने खोज अभियान आगे बढ़ाया. घटनास्थल से लगभग 22 किलोमीटर दूर ग्राम पिंपलखुटा के पास पूर्णा नदी के पात्र में गोपाल निर्वाण का शव बरामद किया गया. शव को पानी से बाहर निकालकर पुलिस के हवाले कर दिया गया.
* बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीण
तीन दिनों तक चले इस अभियान के दौरान घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे. खोज अभियान में पुलिस विभाग और राजस्व प्रशासन का भी पूरा सहयोग मिला.
* इन सदस्यों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
जिला खोज एवं बचाव दल में सचिन धरमकर, विशाल निमकर, कौस्तुभ वैद्य, आकाश निमकर, मुकेश सदाशिव, सचिन पवार, दीपक भोईटे, चैतन्य पोहाणे, प्रशांत गायकवाड़, गणेश कासदेकर, गोकुल मुंडे और मनीष उताणे ने अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई. लगातार तीन दिनों तक कठिन परिस्थितियों में चले इस अभियान के बाद दोनों मृतकों के शव बरामद होने से परिजनों को राहत मिली, वहीं जिला खोज एवं बचाव दल की तत्परता और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की जा रही है.





